बछरावां सीएचसी में ईटीसी का निरीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
रायबरेली। जिले एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) के खतरे को देखते हुए नौ सीएचसी में इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) संचालित करा दिए गए हैं। तेज बुखार और डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए 19 सीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएचसी में पहुंचकर मानकों की जांच की। जेई और एईएस से पीड़ित मरीजों को यहां भर्ती करके इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिले में पिछले कई वर्षों में एईएस और जेई के मरीजों को संख्या अधिक रही। इस साल अब तक एईएस के मात्र सात मरीज ही मिले हैं।
एईएस और जेई के मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करने के लिए जिले के हरचंदपुर, महराजगंज, बछरावां, सलोन, जगतपुर, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज और खीरों के सीएचसी में ईटीसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। यहां दो-दो बेड रखवाए गए हैं। जांच और इलाज के लिए पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जगतपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बताया कि ईटीसी सेंटर को संचालित करा दिया गया है। अब तक मरीज नहीं आए हैं। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। बछरावां सीएचसी में बने ईटीसी सेंटर का निरीक्षण डॉ. ऋषी बागची और मो. नकवी की टीम ने किया। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि अधीक्षकों को क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।