रायबरेली। बाजार में बिक रहा पनीर व खोवा जानलेवा है। देसी घी में वनस्पति घी की मिलावट हो रही है। ब्रांडेड से लेकर अन्य खाद्य पदार्थ भी मानकों पर खरे नहीं हैं। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में देसी घी, पनीर व खोवा में खतरनाक तत्व मिले हैं। धनिया में कीड़े मिलने के बाद नमूने को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। दूध, बरफी, छेना, काजू, किशमिश, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, बेसन व मसाले आदि रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ तक जांच में फेल हो गए हैं।
मई में रोहनियांं के खुरहट में अंकुर डेयरी से पनीर और ऊंचाहार के अरखा में गुप्ता स्वीट्स से खोवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में दोनों खाद्य पदार्थों को असुरक्षित घोषित किया गया है। पनीर व खोवा में न्यूटलाइजर और कार्बोनेट की मिलावट मिली, जो सेहत के लिए खतरनाक तत्व हैं।
सलोन के राधानगर स्थित डीके लघु उद्योग के साबुत धनिया में मृत कीड़े मिले हैं। जगतपुर में सबीना की दुकान से भरे गए ब्रांडेड प्योर प्रीमियम देसी घी में वनस्पति घी की मिलावट मिली है। प्रयोगशाला ने सभी खाद्य पदार्थों को सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए असुरक्षित घोषित कर दिया है।
पनीर को सफेद व चमकदार बनाने का खेल : अंजनी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी श्रीवास्तव का कहना है कि पनीर में खट्टापन या ज्यादा पुराना दूध छुपाने के लिए कैल्शियम कार्बोनेट और अन्य न्यूट्रलाइजर मिलाया जाता है। दूध को फाड़ने और पनीर को सफेद व चमकदार बनाने के लिए इन रसायनों का प्रयोग होता है। पहचान के लिए पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा कर आयोडीन टिंचर मिलाते ही रंग नीला होने पर उसमें स्टार्च या मिलावट की पुष्टि होती है। नकली पनीर रबड़ जैसा खिंचता है। दूध की जगह केमिकल की गंध आती है।
कार्बोनेट व न्यूट्रलाइजर से लिवर व किडनी को खतरा
फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि कैल्शियम कार्बोनेट और अन्य न्यूट्रलाइजर की मिलावट वाले खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन करने से किडनी के साथ ही लिवर पर ज्यादा असर होता है। पथरी या किडनी फेल होने का खतरा रहता है। सूजन, फैटी लिवर और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसके सेवन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और पाचन तंत्र की कमजोरी आम हो जाती है। मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं।
विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-मानिक चंद्र सिंह, सहायक खाद्य आयुक्त-द्वितीय, रायबरेली