रायबरेली। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद लखनऊ के मिठाई सप्लायर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
पिछले साल रक्षाबंधन पर जिले में बिकने के लिए लखनऊ से आया 22 क्विंटल छेना जांच में फेल हो गया। एफएसडीए की टीम ने 19 अगस्त 2021 को छेना मिठाई को जब्त कर नमूना जांच के लिए भेजा था। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
पिछले साल रक्षाबंधन पर डलमऊ में एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्र बहादुर यादव ने टीम के साथ अभियान चलाया था।
इस दौरान ट्रक (यूपी 32 केवी 2252) को रोककर चेक किया था। ट्रक पर 22 क्विंटल छेना व अन्य मिठाई लदी थी। प्रथम दृष्टया जांच में मिठाई घटिया प्रतीत होने पर नमूना सील करने के बाद मिठाई को नष्ट करा दिया गया था।
टीम ने नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया था। जांच रिपोर्ट में छेना मानकों पर खरा नहीं उतरा। लखनऊ के सप्लायर समेत अन्य लोगों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। जवाब न आने के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
एफएसओ अपराजिता तिवारी ने बताया कि लखनऊ के नाका हिंडोला स्थित केसरवानी ट्रेडर्स के संचालक और बाराबंकी जिले के सलोनाबाद फतेहपुर निवासी आशीष कुमार के खिलाफ एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
इसके अलावा दूध का नमूना फेल होने पर दरीबा के आशाराम और भदोखर के शेर बहादुर पर भी मुकदमा किया गया है। सरसों के तेल के नमूने के फेल होने पर शहर के सुल्तानपुर रोड निवासी राजकुमार, दौलतपुर ऊंचाहार निवासी राकेश कुमार और सरेनी निवासी संजय मोहन पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा किया गया है। मिलावटखोरों पर मुकदमा होने के बाद हड़कंप मच गया है।
पिछले साल रक्षाबंधन के दौरान मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डलमऊ में ट्रक पर 22 क्विंटल छेना मिठाई पकड़ी गई थी। नमूना फेल आने के बाद जुर्माने के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमा किया गया है। पांच अन्य लोगों पर भी मुकदमा किया गया है।
अजीत कुमार राय, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय