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जन्म-मृत्यु के पंजीयन में सुस्ती पर डीपीआरओ को चेतावनी

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रायबरेली। जिले सात महीने से 865 पंचायतों में जन्म और 489 पंचायतों में मृत्यु का एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। गांवों में तैनात सचिवों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के कारण सचिव मनमानी पर अमादा है।
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पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग शासन से सही आंकड़ा नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। मामले में सीएमओ ने डीपीआरओ को नोटिस देकर प्रगति में सुधार लाने की चेतावनी दी है। साथ ही शत प्रतिशत काम पूरा न होने पर डीपीआरओ को ही जिम्मेदार ठहराया है।
शासन ने जिले की 988 ग्राम पंचायतों में जन्म और मृत्यु के पंजीयन के साथ ही उसे ऑनलाइन करने की व्यवस्था की गई है। हर महीने पंचायतीराज विभाग यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाना होता है।
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स्वास्थ्य विभाग यह रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करवाता है। पिछले जनवरी महीने से जिले में पंजीयन की प्रगति बेहद खराब हो गई है। पंचायतीराज विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट ही देना बंद कर दिया है। हालांकि दबाव बढ़ने के बाद 123 गांवों में जन्म और 499 गांवों में मृत्यु का पंजीयन ही कराया गया है।
जिले में अब तक 865 पंचायतों में जन्म और 489 गांवों में मौतों का एक भी आंकड़ा ऑनलाइन नहीं किया गया है, जबकि यह काम करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों की है।
जन्म-मृत्यु के पंजीयन में सुस्ती पर सीएमओ ने डीपीआरओ को पत्र जारी करके नाराजगी जताते हुए प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न होने पर स्वयं इसके लिए दोषी होंगे, इसलिए समय से जन्म और मृत्यु का पंजीयन करवाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
पंचायतीराज विभाग ने जन्म और मृत्यु से संबंधित सही रिपोर्ट नहीं आ रही है। अब तक 123 गांवों में जन्म और 499 गांवों में मृत्यु का पंजीयन कराया गया है। ऐसी स्थिति में शासन को सही रिपोर्ट नहीं जा पा रही है। मामले में डीपीआरओ को पत्र भेजकर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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