रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ की जांच में खाद्य पदार्थों में सेहत के लिए खतरनाक तत्व मिलने के बाद गणेश स्वीट्स के मालिक समेत छह प्रतिष्ठानों के संचालकों पर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा नमूने फेल आने पर कई मिलावट खोरों पर एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में भी केस किया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि एफएसओ अरुण कुमार ने गणेश स्वीट्स से बेसन का नमूना भरा था। जांच में नमूना असुरक्षित घोषित होने के कारण संचालक सौरभ के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा किया गया है।
इसके अलावा सिंघाड़ा का नमूना असुरक्षित होने पर महरानीगंज निवासी मनीष, खोया का नमूना असुरक्षित आने पर तेजगांव निवासी राजवर्धन सिंह व मटिहा निवासी हरिश्चंद्र, क्रीम का नमूना असुरक्षित आने पर नयापुरवा निराला नगर निवासी मो. जाफर पर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा किया गया है। इसके अलावा पूरे सराय बथुआ खास निवासी अनूप कुमार के दूध व कोसा निवासी मंजेश कुमार के सरसों के तेल को नमूना फेल आने पर एडीएम न्यायालय में मुकदमा किया गया है।
एफएसओ के तहसीलों में की गई अदला बदली
एफएसडीएम के अभिहित अधिकारी अजीत कुमार राय ने बताया कि सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के तहसील बदल दिए गए हैं। एफएसओ अरुण कुमार को डलमऊ से ऊंचाहार भेजा गया है।
हालांकि एफएसओ स्वाती सिंह के लंबे अवकाश पर होने के कारण अरुण कुमार डलमऊ तहसील का भी काम देखेंगे। एफएसओ राजेश तिवारी को सदर ग्रामीण से हटाकर नगर पालिका प्रथम और द्वितीय का काम दिया गया है।
एफएसओ अपराजिता तिवारी को नगर पालिका द्वितीय जोन से सलोन तहसील भेजा गया है। एफएसओ नितिन कुमार को लालगंज से महराजगंज और एफएसओ अंजली श्रीवास्तव को महराजगंज से लालगंज भेजा गया है। एफएसओ अमरनाथ ही सलोन तहसील से सदर ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। सभी को नए क्षेत्र में काम शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।