खीरों। खीरों ब्लॉक में बसहा नाला उफान पर है, जिससे दो हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है। परसादखेड़ा गांव के पास निर्माणाधीन पुल के बाइपास में ह्यूम पाइप गलत ऊंचाई पर लगाए गए हैं। इससे पानी ठीक से नहीं निकल पा रहा। पुल के पास करीब 10 फीट ऊंचाई तक पानी भर गया है। यह स्थिति लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण बनी है।
किसानों का कहना है कि पाइपों की संख्या भी कम है। यदि पानी कई दिनों तक भरा रहा तो फसल खराब हो जाएगी। खीरों के सुशील गौड़, राम कुमार, सुरेश, तिवारिनखेड़ा निवासी उमेश दुबे ने बताया कि अतरहर, लालपुर, बरौंडी, विश्वनाथखेड़ा, हिमांचलखेड़ा, खजुरिहा बांध, रनापुर, पहरौली, तिवारिनखेड़ा, परसाद खेड़ा, मदनापुर, बनपुरवा, धुराई, दुलारेपुर, आधार खेड़ा, भूपखेड़ा समेत कई गांवों के किनारे से होकर बसहा नाला निकला है। यह नाला 10 किलोमीटर लंबा है।
बरसात के दौरान इन गांवों का पानी इसी नाले में निकला जाता था। किसानों ने पहले भी पाइप नीचे लगाने की मांग की थी, पर ध्यान नहीं दिया गया। अब पानी भरने से खेतों में फसल बर्बाद हो रही है। अवर अभियंता अनिल कुमार ने अधिक बारिश को इसका कारण बताया। उन्होंने कहा कि पानी कम होते ही ह्यूम पाइपों को नीचे कराकर जल निकासी की उचित व्यवस्था होगी।
सफाई की खुली पोल, घरों में घुसा पानी
डलमऊ। नगर पंचायत डलमऊ में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। आदर्श नगर मोहल्ले में नाले का पानी उफनाकर घरों में घुस गया है। इससे जहां संक्रामक बीमारियों का खतरा है, वहीं दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल है। मोहल्ले के उदय शंकर, मुकेश कुमार, शिवभजन, सर्वेश द्विवेदी ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में मोहल्ले में जलभराव हो जाता है। नाले गंदगी से पटे हैं। इससे जलनिकासी नहीं हो पाती। मोहल्ले के जगदीश प्रसाद के घर में पानी भर जाने से उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।
बारिश में गिरे मकान
सरेनी-महराजगंज। बारिश के कारण सरेनी क्षेत्र में कई कच्चे मकान ढह गए। इससे ग्रामीण दूसरे के यहां शरण लिए हैं। बैरुआ की रहने वाली आशा देवी, सूरज प्रसाद गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता के सिर से छत छिन गई। लेखपाल अमर सिंह जल्द सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिया है। उधर, महराजगंज क्षेत्र के टूक गांव के रवि की कच्ची कोठरी ढह गई है। मलबे में गृहस्थी दब गई। इससे परिवार खाने-पीने के लाले हैं। पीड़ित ने मदद की गुहार लगाई है।