शिवगढ़ (रायबरेली)। क्षेत्र के पलिया, सेहंगो, दुंदगढ़, सुगंधखेड़ा गांव में तेंदुए की दहशत है। आए दिन जंगली जानवर के हमले से सहमे लोग शाम होते ही लोग घरों में कैद हो जा जा रहे हैं। शनिवार को सुगंधखेड़ा के मजरे जड़ावगंज गांव की सतगुरुदेई अपने पति विजय बहादुर के साथ खेत की तरफ गई थीं।
इसी दौरान तेंदुए जैसे वन्यजीव ने दोनों को दौड़ा दिया। दंपती ने गांव की तरफ भाग कर जान बचाई। शोर सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर दौड़े। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के साथ खोजबीन की, लेकिन कोई जानवर नहीं मिला। वन विभाग इसके फिशिंग कैट होने का दावा कर रहा है। पूरे फकीरन मजरे मझिगवां में पांच दिन पहले मां के पास सो रही आठ माह की बच्ची को कोई जानवर उठा ले गया था। कुछ दूरी पर उसका हाथ मिला था। इससे पहले तीन गांवों में सियार के हमले में भी चार लोग घायल हो गए थे।
इन घटनाओं के बाद से लोग बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वन दरोगा संजय यादव ने बताया कि सुगंधखेड़ा में फिसिंग कैट की तरह पंजे दिखे हैं। तेंदुआ जैसी कोई बात नहीं है। लगातार टीमें गांवों में गश्त कर रही हैं।