खीरों (रायबरेली)। कस्बा स्थित सीएचसी में बुधवार को इलाज कराने आई युवती को चिकित्सक के इंजेक्शन लगाते ही हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। युवती की मौत से खफा परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने की बात कही। परिजनों का गुस्सा देख अस्पताल में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो सका। अभी तक चिकित्सक के खिलाफ कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
खीरों कस्बा निवासी कोमल देवी (20) पुत्र बनवारी लाल गुप्ता कई दिन से बीमार चल रही थी। परिजन उसका इलाज कराने के लिए सुबह अस्पताल पहुंचे। ओपीडी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. यूसी वर्मा ने युवती की जांच की। इसके बाद कुछ दवाओं के साथ एक इंजेक्शन लगा दिया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर में कोमल बेहोश हो गई। उसकी बिगड़ती हालत देख स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पैर फूलने लगे। सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दी गई। सीएचसी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जब तक युवती का इलाज शुरू करते उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद परिजन भड़क गए और चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन एक्सपायरी डेट का था। आसपास के लोगों के एकत्र होने और बीचबचाव के बाद मामला शांत हो सका।