सतांव (रायबरेली)। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात नकाबपोश डकैतों ने एक दलित के घर जमकर कहर बरपाया। लूटपाट का विरोध करने पर पूरे परिवार के सदस्यों को पहले बंधक बनाकर सरियों और डंडों से जमकर पीटा फिर इसके बाद नगदी, गहने समेत ढाई लाख से अधिक का माल समेट कर फरार हो गए। डकैतों की पिटाई से पांच लोग घायल हुए, जिसमें तीन को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने इस घटना में अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। पूरे आजाद मजरे बल्ला बरौला गांव निवासी श्यामू रैदास परदेश में रहकर मजदूरी करता था। इन दिनों घर आया था। रात में करीब 1 बजे सात-आठ नकाबपोश डकैतों ने घर पर धावा बोल दिया। डकैत लूटपाट करने लगे तो श्यामू समेत अन्य परिजनों ने विरोध किया। इस पर डकैतों ने परिजनों के हाथ व पैर रस्सी से बांधकर उनकी सरियों, डंडों से जमकर धुनाई की और एक कमरे में बंद कर दिया। शोरगुल न मचा सकें, इसलिए मुंह में कपड़ा तक ठूंस दिया। इसके बाद 80 हजार रुपये नगद, चांदी की करधनी, पायल, सोने का मंगलसूत्र, झुमका, कान का फूल समेत ढाई लाख से अधिक का माल लूटकर डकैत फरार हो गए। डकैतों की पिटाई से श्यामू (21) के अलावा उसकी मां शांता देवी (55), बहन सीमा (16), भाई रमेश (28), भाभी शोभावती (26) घायल हुए। रमेश और उसकी पत्नी शोभावती नि:शक्त हैं। श्यामू, सीमा और शांता की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उधर, शुक्रवार की सुबह घटना की जानकारी से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुरुबख्शगंज थानेदार बृजबीर सिंह का कहना है कि अज्ञात में चोरी और मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। डकैती की बात सामने आएगी तो गंभीर धाराओं में मामले को तरमीम किया जाएगा।