रायबरेली। जिले के 989 प्रधानों का काउंट डाउन शुरू हो गया है। 25 दिसंबर को सभी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। ऑनलाइन भुगतान पर रोक लगाए जाने के साथ ही प्रधानों को 25 दिसंबर तक एडीओ (पंचायत) के पास डोंगल जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
इसके बाद भी किसी भी ग्राम पंचायत में प्रधान के स्तर से भुगतान की प्रक्रिया की गई तो मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह ने बताया कि प्रधानों को हरहाल में 25 दिसंबर तक एडीओ के पास डोंगल जमा करने के आदेश दिए हैं।
25 दिसंबर को सभी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। हालांकि प्रशासक बनाए जाने के संबंध में अब तक शासन से निर्देश नहीं मिले हैं। शासन से निर्देश मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए चुने गए प्रधानों के खिलाफ खूब शिकायतें हुईं। करीब 300 प्रधानों के खिलाफ लगातार शिकायतें हुईं। इसमें 200 से अधिक प्रधान किसी न किसी मामले में दोषी भी पाए गए।
इसमें 12 प्रधानों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करने के साथ ही समितियां भी गठित कर दी गई। 10 से अधिक प्रधानों के खिलाफ विकास कार्यों में घपले के संबंध में मुकदमे दर्ज कराए गए।
करीब 100 प्रधानों के खिलाफ अब भी जांच चल रही है। जिले के उसरू, पिपरी, खीरों, रोखा, सूची, अलावलपुर, कसना, बदगदहा, केसौली, उत्तरागौरी, नरसिंहपुर, रुकनापुर आदि गांवों के प्रधानों के वित्तीय अधिकार छिन चुके हैं।
खीरों, शंकरपुर सहित कई प्रधानों के खिलाफ गड़बड़ियां करने पर एफआईआर हो चुकी है। सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में 30 से अधिक प्रधानों से वसूली की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि कार्यकाल भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई व वसूली की प्रक्रिया जारी रहेगी।
एक ओर जहां पांच वर्षों में कई प्रधान विवादों में घिरे रहे, वहीं कई ऐसी पंचायतें भी हैं, जिनके प्रधानों ने मेहनत करके नाम भी रोशन किया। रोहनियां ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरन की प्रधान साधना सिंह के प्रयास से गांव स्मार्ट गांव का दर्जा मिल चुका है।
साथ ही उमरन को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना का लाभ भी मिल चुका है। लालगंज के तौधकपुर व सरेनी के रायपुर नेरुआ को दो बार सीएम पुरस्कार मिल चुका है।
इसके अलावा गौरा के हमीरमऊ, ऊंचाहार के कल्याणी, सरेनी के हिलौली, लालगंज के गौरा रुपई, महराजगंज के हिलीहा को भी मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना का लाभ मिल चुका है।