रायबरेली। अटल ज्योति योजना के तहत सांसद सोनिया गांधी की निधि से जिले के 15 ब्लॉकों में लगवाई गईं सोलर लाइटों की जांच होगी। मामले में सीडीओ ने संबंधित ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को सोलर लाइटों की सूची देकर सात दिन में जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लाइटें लगवाने वाली ईईएसएल फर्म को 30 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
अटल ज्योति योजना के तहत सांसदों को सोलर लाइटों की स्थापना के लिए मात्र 25 प्रतिशत धनराशि देनी थी। शेष 75 प्रतिशत धनराशि ऊर्जा मंत्रालय से फर्म को देने की व्यवस्था थी। सांसद की स्वीकृति के बाद फर्म ने योजना के तहत 929 सोलर लाइटें लगवाई थी। ईईएसएल को भुगतान भी कर दिया था। इसके बाद सांसद की स्वीकृति के बाद 981 और सोलर लाइटें लगवाई गई थीं। इसमें ईईएसएल को 16 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया था।
डीआरडीए ने करीब 30 लाख रुपये का भुगतान किन्हीं कारणों से रोक दिया गया था। फर्म ने डीआरडीए से भुगतान का अनुरोध किया है, जिसके बाद सीडीओ ने सभी 981 सोलर लाइटों के के जांच के आदेश दिए हैं। खंड विकास अधिकारियों को सात दिन में जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जांच होने के बाद ही फर्म को धनराशि का भुगतान होगा।
अटल ज्योति योजना के तहत सांसद सोनिया गांधी की निधि से 981 सोलर लाइटें लगवाई गई थीं। सोलर लाइटें स्थापित करने वाली ईईएसएल फर्म ने भुगतान का अनुरोध किया गया है। खंड विकास अधिकारियों को सूची भेजकर लाइटों की जांच करवाई जा रही है।- प्रेमचंद्र पटेल, परियोजना निदेशक डीआरडीए