जिले में सोमवार रात हल्की बारिश से ही बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी उतर गई। इससे शहर से लेकर देहात क्षेत्रों की रात भर आपूर्ति ठप रही। कुछ उपकेंद्रों की आपूर्ति मंगलवार दोहर शुरू हुई, लेकिन कठगर उपकेंद्र की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
इससे 80 गांवों के एक लाख उपभोक्ता अंधेरे में हैं। लाइन में फॉल्ट आने की वजह से पूरे जिले आपूर्ति की बंद होने से रातभर लोग हलाकान रहे। विभागीय अफसरों का दावा है कि एक उपकेंद्र की आपूर्ति ठप है, जिसे बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सोमवार रात बारिश होने के बाद शहर से लेकर लेकर ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। इंदिरा नगर की हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट आने से शहर की आपूर्ति बाधित हो गई। इंदिरा नगर, कैनाल रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा, आरडीए समेत अन्य मोहल्लों की आपूर्ति बाधित हो गई।
काफी प्रयास के बाद भी जब फॉल्ट नहीं मिला तो इंदिरा नगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को गोराबाजार उपकेंद्र से जोड़कर आपूर्ति बहाल की गई। इसी तरह प्रगतिपुरम उपकेंद्र की भी आपूर्ति करीब दो घंटे बाधित रही, जिसे रात में ही ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई।
सबसे खराब हालत कठगर उपकेंद्र की है। कठगर उपकेंद्र को जाने वाली लाइन इंदिरा नगर से ही जाती है। हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट होने से कठगर उपकेंद्र से जुड़ी एक लाख आबादी प्रभावित है। इस उपकेंद्र से जुड़े खागीपुर सड़वा, सैदनपुर, मनेहरू, कठगर, विनोहरा, शंकरबख्श का पुरवा समेत 80 गांव रात भर अंधेरे में हैं।
आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो पाई। उपभोक्ता रामशंकर, आशीष, अश्वनी, देशराज यादव व रामराज ने बताया कि तार जर्जर होने से आए दिन फॉल्ट बना रहता है। पावर कॉर्पोरेशन के अफसर तारों को बदलवाने में नाकाम है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।