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73 हजार बच्चे कुपोषित, लाल श्रेणी में शामिल 10 हजार लॉडले

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रायबरेली। तमाम प्रयासों के बाद भी जिले के बच्चे कुपोषण से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं। पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन कराया गया तो 73,899 बच्चे कुपोषित मिले हैं। इसमें 10,180 बच्चे अति कुपोषित (लाल श्रेणी) पाए गए हैं। डीएम नेे सभी अधिकारियों को गोद लिए अपने-अपने गांवों में पहुंचकर एक माह के अंदर बच्चों को कुपोषण से मुक्त करके सेहतमंद बनाने के निर्देश दिए हैं।
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जिलेे को सुपोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभाग काम भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ बच्चे कुपोषण से मुक्त होते हैं तो उतने ही बच्चे नए मिल जा रहे हैं। एक सितंबर से पोषण माह शुरू किया गया और केंद्रों पर बच्चों का वजन कराया गया तो 73 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित पाए गए। इसमें 10 हजार से अधिक बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं।
अतिकुपोषित बच्चों को पोषण माह में सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन के बाद डलमऊ क्षेत्र में सबसे अधिक 7152 बच्चे कुपोषित और 413 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। इसके अलावा लालगंज 5770 बच्चे कुपोषित व 37 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए।
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सलोन में 6747 बच्चे कुपोषित व 1325 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। सलोन में ही सबसे अधिक अतिकुपोषित बच्चे पाए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शासन की मंशा पर पोषण माह शुरू कराया गया है। वजन कराए जाने के बाद करीब 73 हजार बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। इसमें 10 हजार अतिकुपोषित बच्चों को माहभर में सुपोषित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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