989 गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन की तैयारी
रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के सपने को साकार करने के लिए जिले के 989 गांवों को ओडीएफ करने के साथ ही अब ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन की तैयारी है। इसके तहत पहले चरण में एक नगर पंचायत व पांच ग्राम पंचायतों को चुना गया है। 26 जनवरी तक इन गांवों को तय मानकों पर खरा उतारने के लिए काम शुरू हो गया है। सीडीओ राकेश कुमार, उपायुक्त मनरेगा अनिल कुमार सिंह, पीडी इंद्रसेन सिंह आदि अधिकारियों ने नगर पंचायत डलमऊ पहुंचकर कार्यक्रम की शुरूआत के लिए रूपरेखा तैयार की। टीम ने गंगा के घाटों के साथ ही अन्य स्थानों पर पहुंचकर निरीक्षण करके दिशा-निर्देश दिए। चयनित गांवों में सफलता मिलने पर अन्य गांवों में काम शुरू होगा। जिले के गांवों में ही कूड़े के निस्तारण के लिए काम होगा। पहले चरण में प्रयोग के तौर नगर पंचायत डलमऊ के अलावा लालगंज ब्लॉक के तौधकपुर, बछरावां ब्लॉक के भैरमपुर, हरचंदपुर ब्लॉक के प्यारेपुर, डीह ब्लॉक के रेवती सैदपुर, दुसौती गांवों को इसके लिए चुना गया है।
एक माह में क्या-क्या होगा काम-
- बेकार पानी को खत्म करने के लिए सोकता गड्ढे बनेंगे
- गांवों के कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाएं जाएंगे
- बर्मी और कंपोस्ट खाद के लिए पिट बनाए जाएंगे
- नालियों की सफाई होगी, जरूरी स्थानों पर निर्माण होगा
- गांव के लोगों को गंदगी से निपटने के लिए करेंगे जागरूक
4, 6 व 8 जनवरी को होगा प्रशिक्षण
गांवों में नई पहल को लागू करने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण होंगे। 4 जनवरी को राही, अमावां, हरचंदपुर, सतांव, खीरों, लालगंज, 6 जनवरी को सरेनी, डलमऊ, ऊंचाहार, जगतपुर, रोहनियां, दीनशाह गौरा और 8 जनवरी को सलोन, डीह, छतोह, महराजगंज, बछरावां और शिवगढ़ ब्लॉकों में प्रधानों, पंचायत कर्मियों, रोजगार सेवकों, एएनएम, आशा, मुख्य सेविकाओं को ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (कूड़ा, कचरा और गंदगी) के क्रियान्वयन के लिए जागरूक किया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर एक नगर पंचायत और पांच ग्राम पंचायतों को ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए चुना गया है। एक माह में इन गांवों को पूरी तरह से संतृप्त करना है। सफलता मिलने के बाद अन्य गांवों को चुनकर काम किया जाएगा। गांवों को आदर्श बनाने का प्रयास किया जा रहा है।- अनिल कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा