रायबरेली। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के 631 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिल सकेगा। बुधवार को हुई पहले चरण की लॉटरी में इन बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए 1374 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें सत्यापन के दौरान 120 आवेदन पत्र विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए। लॉटरी में शामिल 1254 अभ्यर्थियों को सीट फुल हो जाने के कारण विद्यालय आवंटित नहीं हो सके।
आरटीई के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए तीन चरणों की समय सारिणी जारी की गई थी। पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया 2 मार्च को शुरू हुई थी। अंतिम तिथि 25 मार्च तक 1374 आवेदन आए थे। सत्यापन की प्रक्रिया 28 मार्च तक चली। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आए आनलाइन आवेदन का सत्यापन कराया गया, जिसमें 120 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया था। आनलाइन कराई गई लॉटरी में 631 बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं, जिन्हें आवंटित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए जल्दी ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। बाकी 623 बच्चों को विद्यालय आवंटित नहीं हो सके हैं।
दूसरे चरण का आवेदन 2 अप्रैल से
आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए दूसरा चरण 2 अप्रैल से शुरू होगा। यानी कि जो बच्चे वंचित रह गए हैं, वे अगले चरण में आवेदन कर सकेंगे। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दूसरे चरण के आवेदन 2 अप्रैल से 23 अप्रैल तक होंगे। सत्यापन 26 अप्रैल तक और लॉटरी 28 अप्रैल को निकाली जाएगी। इसके बाद तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। तीसरे चरण के आवेदन 2 मई से 10 जून तक होंगे। सत्यापन 13 जून तक और लॉटरी 15 जून को निकलेगी।