भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 6.75 अरब से लखनऊ से रायबरेली तक फोरलेन का निर्माण कराया था। जनवरी-2015 में यह काम पूरा हुआ था।
एनएच-24बी बनवाने के पीछे उद्देश्य था कि लखनऊ से रायबरेली पहुंचने में लोगों को आसानी हो। लेकिन एनएचएआई के अफसरों की लापरवाही से यह मंशा पूरी होती नहीं नजर आ रही है।
महज नौ महीने में बछरावां, हरचंदपुर, खैरहनी समेत कई स्थानों पर सड़क उखड़ने से पैचिंग की नौबत आ गई। सिविल लाइंस से लेकर मोटल चौराहे के बीच तो सड़क ही धंस गई है।
इससे मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अफसर इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। परियोजना निदेशक, एनएचएआई, लखनऊ शिव शंकर ने बताया कि इसी साल जनवरी में फोरलेन बन कर तैयार हुआ है। हाईवे की सड़क धंसने की जानकारी नहीं है।
यदि ऐसा है तो सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। जिस कांस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण कराया है, उसे ही 17 साल तक हाईवे की देखरेख करनी है। इसलिए उसी कंपनी से सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।