रायबरेली। जिले के 59 दृष्टि बाधित बच्चे टैबलेट से पढ़ना सीखेंगे। उन्हें जल्द टैबलेट उपलब्ध कराएं जाएंगे। इसमें अपलोड शिक्षक सामग्री के जरिए बच्चों को सीखने में मदद मिलेगी।
टैबलेट एक प्रकार की टॉकिंग डिवाइस होगी, जिसकी मदद से बच्चे सुनकर पढ़ाई कर सकेंगे। इसके इस्तेमाल का तरीका जिला समन्वयकों और स्पेशल एजुकेटर के साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटरों, नोडल शिक्षकों एवं बच्चों के माता-पिता को बताया जाएगा।
प्रदेश के 14 जिलों के 1206 दृष्टि बाधित बच्चों को टैबलेट दिया जाना है, जिसमें जिले के 59 बच्चे शामिल हैं। टैबलेट में मौजूद ऑडियो सिस्टम के माध्यम से बच्चे शैक्षिक सामग्री को सुन सकेंगे।
इसके उपयोग के बारे में जिला स्तर पर जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा एवं एमआईएस), ब्लॉकों के स्पेशल एजुकेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं संबंधित विद्यालयों के नोडल टीचर को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद स्पेशल एजुकेटर बच्चों के माता-पिता या अभिभावक को इसके संचालन व रखरखाव के बारे बताएंगे।
जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) शुभा ने बताया कि जिले के परिषदीय विद्यालयों में 89 दृष्टि बाधित बच्चे नामांकित हैं। इनमें से पूर्ण रूप से दृष्टि बाधित 59 बच्चों को चिह्नित किया गया है। यूनीसेफ से टैबलेट मिल गए हैं। अभी प्रशिक्षण दिया जाना बाकी है। इसके बाद टैबलेट का वितरण होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक समेकित शिक्षा के अंतर्गत पूर्ण दृष्टि बाधित 59 बच्चों को एक्सेसबल टैबलेट (टॉकिंग डिवाइस) दिया जाना हैं।