रायबरेली। मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीके से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण का 50 प्रतिशत काम बुधवार को तीसरे दिन ही पूरा हो गया।
सात मार्च से टीकाकरण शुरू हुआ और 14 मार्च तक लक्ष्य पूरा करने के आदेश हैं, लेकिन पहले ही दिन महराजगंज में 122 फीसदी व अमावां में 81 फीसदी बच्चों में टीकाकरण का काम पूरा कर लिया गया। अमावां में गर्भवती महिलाओं में लक्ष्य से अधिक 135 प्रतिशत टीकाकरण किया गया।
कोरोना व अन्य कारणों से दो साल से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाएं नियमित टीके से वंचित रह गए। शासन ने ऐसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करके टीकाकरण के आदेश दिए।
सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत नियमित टीकाकरण से शून्य से दो वर्ष तक के वंचित 7456 बच्चों और 2118 गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया।
14 मार्च तक शत-प्रतिशत टीकाकरण के आदेश दिए गए हैं। सीएचसी क्षेत्रों ने बच्चों में टीकाकरण में लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत और गर्भवती महिलाओं में लक्ष्य के सापेक्ष 45 प्रतिशत टीकाकरण का काम पूरा किया गया है।
गर्भवतियों में टीकाकरण में अमावां में लक्ष्य के सापेक्ष 135 प्रतिशत, दीनशाह गौरा और सतांव में 55 प्रतिशत, डलमऊ में 49 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में पहले ही दिन टीके लगा दिए गए हैं। बच्चों में टीकाकरण में महराजगंज सीएचसी सबसे आगे रही। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 122 प्रतिशत टीकाकरण किया गया।
इसके अलावा अमावां में 81 प्रतिशत, छतोह में 51 प्रतिशत, सतांव में 53 प्रतिशत, रोहनिया में 48 प्रतिशत, डीह में 45 प्रतिशत, जिला अस्पताल में 44 प्रतिशत, ऊंचाहार में 48 प्रतिशत टीके का काम पूरा कर लिया गया। जिले में 7456 बच्चों में लक्ष्य के सापेक्ष पहले दिन 2037 बच्चों में टीके लगाए गए, जबकि 2118 गर्भवती महिलाओं के लक्ष्य के सापेक्ष 535 महिलाओं में टीकाकरण का काम पूरा कर लिया गया।
विभिन्न कारणों से नियमित टीके से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया गया है। तीन दिन में 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 14 मार्च तक शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ