अस्थायी कोतवाली में बने खोया-पाया केंद्र के माध्यम से परिवारीजनों को उनके लाडलों से मिलाया गया। अपने जिगर के टुकड़ों को देख अभिभावकों की आंखें डबडबा आईं।
डलमऊ कोतवाली में खोया केंद्र बनाया गया। कोतवाल ओपी यादव के साथ सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी अध्यक्ष देशराज मौर्या स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ सुबह से ही मुस्तैद रहे।
गायब बच्चों को उनके परिवारीजनों से मिलाने का कार्य किया। इसमें शिवगढ़ से माता-पिता के साथ आए साढ़े तीन वर्ष के सचिन का साथ छूट गया। खोया-पाया केंद्र की मदद से सचिन को दोपहर में परिवारीजनों तक पहुंचाया गया।
इसी तरह सात वर्षीय शांती निवासी महराजगंज से परिवारीजनों से मिलाया गया। गुरुबक्शगंज की पांच वर्षीय पूजा, सतांव की चार वर्षीय निक्की, महराजगंज का तीन वर्षीय आयुष, हरचंदपुरा दो वर्षीय अनुराग, बछरावां का दो वर्षीय अंकिता, शिवगढ़ की आठ वर्षीय लता समेत 50 बच्चे अपने परिवारीजनों से बिछड़ गए। खोया-पाया केंद्र पर सभी को मिलाया गया।