डीह (रायबरेली)। ब्लॉक की ग्राम पंचायत थौरी के प्रधान की कुर्सी 48 साल बाद पूर्व विधायक से छिन गई है। आठ साल पूर्व विधायक, फिर 15 साल उनका बेटा और पिछले 25 साल प्रधान रही पुत्रवधू इस बार चुनाव हार गई। गांव में ओम प्रकाश प्रधान चुने गए हैं।
डीह ब्लॉक क्षेत्र के थौरी निवासी और सलोन विधानसभा से कांग्रेस से विधायक रहे शिवबालक पासी के घर 48 साल प्रधानी रही। पूर्व विधायक ने वर्ष 1972 में प्रधान पद के लिए थौरी ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ा था। प्रधान बनने के बाद वे वर्ष 1979 तक आठ साल गांव के प्रधान रहे। बाद में 1980 में पुत्र राजबहादुर ने भाग्य आजमाया और सफलता भी मिल गई। पूर्व विधायक के बेटे वर्ष 1995 तक 15 साल गांव के निर्विरोध प्रधान रहे। वर्ष 1995 में हुए चुनाव में पूर्व विधायक की पुत्रवधू प्रेमा देवी मैदान में उतरीं और वह वर्ष 1995 से वर्ष 2020 तक 25 वर्ष तक प्रधान रहीं। इस बार के चुनाव में गांव के ही ओम प्रकाश ने शिकस्त देकर प्रधान पर कब्जा कर लिया।
58 साल से बरकरार परधानी, फिर पांच साल का मौका
डीह। सलोन ब्लॉक के दरसवां गांव के एक परिवार ने इतिहास रच दिया है। पिछले 58 साल से इसी घर के इर्द-गिर्द प्रधानी घूम रही है। इस बार भी पांच साल और गांव की सत्ता हाथ आ गई है। सलोन ब्लॉक के दरसवा गांव में 1963 में केदार ने प्रधानी का चुनाव जीता था। 1968 में उनके बड़े लड़के रामकृपाल चुनाव जीते और 1995 तक 33 साल प्रधान रहे। उसके बाद उनकी बहू रामपती चुनाव लड़ी और 1995 से 2005 तक प्रधान रहीं। वर्ष 2005 से 2010 तक राजबहादुर प्रधान रहे। 2010 से 2015 तक फिर रामपती प्रधान रहीं। वर्ष 2015 से 2020 तक रेखा देवी पत्नी आनंद कुमार प्रधान रहे। इस बा रामपती ने फिर भाग्य आजमाया और फिर प्रधान बन गईं। हालांकि शुरू में प्रधान की सीट पिछड़े वर्ग के खाते में जाने से दूसरे घर प्रधानी जाना तय हो गया था, लेकिन बाद में नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया तय होने के कारण इस परिवार को चुनाव लड़ने का मौका मिला गया।
जगतपुर से बेटी व मनोहरगंज से मां चुनाव हारीं
जगतपुर। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनोहरगंज से लगातार तीन बार प्रधान रहीं पिंकी चौधरी इस बार चुनाव हार गईं। इसके अलावा इस बार उनकी बेटी साधना चौधरी ने जगतपुर सीट पर भाग्य आजमाया और वह भी चुनाव हार गईं। तारा देवी दूसरी बार प्रधान बनीं। इसके अलावा क्षेत्र में प्रधान पद की कई और सीटों पर अप्रत्याशित रिजल्ट आने से लोग आश्चर्यचकित हैं। टांगन ग्राम पंचायत में तो बराबर वोट होने के कारण लाटरी से प्रधान का चुनाव किया गया।