रायबरेली। क्षेत्र पंचायत निधि से जिले में पिछले तीन साल में कराए गए बड़े कार्यों की उच्च स्तरीय जांच होगी। शासन स्तर पर गठित टेक्निकल आडिट कमेटी (टीएसी) को यह जांच सौंपी गई है। टीएसी जांच के लिए जिले के सभी 18 ब्लॉकों में कराए गए दो-दो बड़े कार्यों की सूची मांगी गई है।
क्षेत्र पंचायत निधि से ब्लॉकों में हर साल करोड़ों की लागत के कार्य कराए जाते हैं। कई ब्लॉकों में तो काम के नाम पर खानापूरी की गई है। कई बार जांच में घटिया निर्माण सामग्री भी पकड़ी गई, लेकिन लोकल स्तर की जांच के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों में मनमानी की आशंका पर शासन ने हर ब्लॉक के दो-दो बड़े कार्यों की जांच टीएसी से कराने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में तीन साल में कराए गए बड़े दो-दो कार्यों की सूची मांगी गई है। जल्द ही कार्यों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
मनरेगा से सतांव ब्लॉक में वर्ष 2017-18 में सबसे अधिक धनराशि खर्च करने वाली दो गांवों में विकास कार्यों की जांच होगी। टीएसी की टीम आगामी 18 फरवरी को यहां जांच करने के लिए आएगी। इसके लिए संयुक्त विकास आयुक्त आरसी पांडेय सतांव ब्लॉक में मनरेगा से सबसे अधिक धनराशि खर्च करने वाली दो ग्राम पंचायतों के संबंध में पूरी रिपोर्ट मांगी है।