रायबरेली। स्कूली वाहनों की डिजिटल निगरानी के लिए जिले के सभी 3723 स्कूल पोर्टल पर ऑनबोर्ड करा दिए गए हैं। इसमें मात्र 282 ऐसे स्कूल हैं, जिनके यहां वाहन संचालित हैं।
तमाम ऐसे भी स्कूल हैं जो बच्चों को ढोने में प्राइवेट वाहनाें का प्रयोग कर रहे हैं। इसी कारण संबंधित स्कूल संचालकों ने वाहन न होने की जानकारी पोर्टल पर दी है। जिले में 1675 स्कूली वाहनों में अब तक 1117 वाहनों को ही पोर्टल पर अपलोड किया गया है। पोर्टल पर ऑनबोर्ड होने के बाद अब स्कूलों की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी।
परिवहन विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। वाहनों की डिजिटल निगरानी के लिए लांच पोर्ट पर सभी स्कूलों और उनके वाहनों को ऑनबोर्ड करने के आदेश दिए गए हैं। योजना के तहत जिले के सभी 3723 स्कूल पोर्टल पर ऑनबोर्ड करा दिए गए हैं। हालांकि 1675 स्कूलों में अब तक 1117 स्कूलों को ही पोर्टल पर अपलोड कराया गया है। पोर्टल पर अपलोड कराए गए वाहनों की चेकिंग में मिली खामियों को तीन दिन के अंदर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। मानकों को पूरा कराने वाले वाहनों को ही स्कूलों में संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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बच्चों को ला रहा स्कूली वाहन बंद
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन उमेश कटियार ने बुधवार को स्कूली वाहनों की चेकिंग की। गदागंज में बच्चों को लेकर स्कूल जा रहे एक वाहन को रोककर चेक किया तो स्कूली वाहन का टैक्स जमा नहीं मिला। प्रदूषण के साथ ही बीमा भी खत्म मिला। मनमाने तरीके से बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। स्कूली वाहन को बंद करके उस पर 29500 रुपये का जुर्माना किया गया है। एआरटीओ ने बताया कि अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। स्कूलों में मानकों के विपरीत वाहनों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
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जिले के सभी 3723 स्कूल ऑनबोर्ड करा दिए गए हैं। स्कूलों में संचालित 1675 वाहनों को पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है। सभी स्कूली वाहनों की जांच के बाद मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही संचालित होने दिया जाएगा।
अरविंद यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, रायबरेली