रायबरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सर्वे का काम पूरा होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल पर 36118 ऐसे विवादित मामले पकड़ में आए हैं, जिनमें सर्वयरों व चेकरों की रिपोर्ट में भिन्नता है। संदिग्ध पात्रों की जांच के लिए भारत सरकार से डीआरडीए को सूची उपलब्ध कराई गई है। बीडीओ और जिला स्तरीय अधिकारी मामले की जांच करके अपात्रों के नाम सूची से डिलीट करेंगे।
जिले में पूर्व में बनी पात्रता सूची के लाभार्थियों को आवास देने का काम पूरा होने के बाद शासन की मंशा पर नई पात्रता सूची बनाने के लिए सर्वे कराया गया। सर्वे में कर्मचारियों ने घर-घर जाकर 84182 लोगों का सर्वे किया। इसके अलावा 13690 लोगों ने स्वयं सर्वे करके आवास की मांग की। जिले में कुल 97872 लोगों का सर्वे किया गया। सर्वे के बाद सूची भारत सरकार को भेज दी गई है। अब भारत सरकार के पोर्टल पर 36118 संदिग्ध लोग मिले हैं, जिनकी पात्रता पर आशंका है। सर्वेयर व चेकरों की रिपोर्ट में अंतर होने के कारण इन लोगों की जांच अब बीडीओ व जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे।
किस ब्लॉक में कितने लाभार्थी संदिग्ध
ब्लॉक का नाम संदिग्ध लाभार्थी
अमावां - 1000
बछरावां - 1223
छतोह - 1793
डलमऊ - 2984
दीनशाह गौरा - 1759
डीह - 1814
हरचंदपुर - 734
जगतपुर - 1398
खीरों - 4102
लालगंज - 2428
महराजगंज - 3682
राही - 1859
रोहनियां - 838
सलोन - 3056
सरेनी - 1804
सतांव - 2974
शिवगढ़ - 486
ऊंचाहार - 2184
कुल - 36118
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 97872 लोगों का सर्वे किया गया है। भारत सरकार के पोर्टल पर 36118 विवादित मामले पकड़ में आए हैं। सर्वेयरों व चेकरों की रिपोर्ट में भिन्नता होने पर सूची मिली है। बीडीओ व जिला स्तरीय अधिकारियों से इसका जांच शुरू करा दी गई है। -सतीश प्रसाद मिश्रा, परियोजना निदेशक, डीआरडीए