गर्मी के साथ ही शहर हो या फिर देहात क्षेत्र आइसक्रीम की बिक्री शुरू हो गई है। देखने में आ रहा है कि आइसक्रीम बनाने में प्रयोग किए जाने वाली पानी की गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पर एफएसडीए के अधिकारियों ने आइसक्रीम फैक्ट्री मालिकों को नोटिस देकर पानी की जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक पखवारा के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। ऐसा न करने वाले फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
मौजूदा समय में जिलेभर में 36 आइसक्रीम फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। खासकर गर्मी के दिनों में आइसक्रीम की बिक्री अधिक होती है। अधिक कमाई के चक्कर में आइसक्रीम बनाने वाले पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं रखी जाती है। इसे एफएसडीए के अफसरों ने गंभीरता से लिया है। अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सिंगर आइसक्रीम, बाबर आइसक्रीम, शिवम आइसक्रीम, शिमला आइसक्रीम फैक्ट्री समेत 36 आइसक्रीम फैक्ट्री मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।
सभी से पानी की जांच कराकर उसकी रिपोर्ट कार्यालय में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने वाले मालिकों पर कार्रवाई होगी। अभिहित अधिकारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आइसक्रीम फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से पानी का जो सैंपल दिया जाएगा, उसी पानी की जांच कराई जाएगी। यानि फैक्ट्री मालिक स्वयं पानी लेकर उसे जांच के लिए नहीं भेजेंगे। पानी की जांच लखनऊ में होगी।