रायबरेली। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई बिजली बिल राहत योजना उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगी। योजना के तहत साढ़े तीन लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में रजिस्ट्रेशन कराने वाले उपभोक्ताओं को ज्यादा लाभ मिलेगा, वहीं दूसरे और तीसरे चरण में रजिस्ट्रेशन कराने वाले बिजली उपभोक्ताओं का ब्याज तो माफ होगा, लेकिन मूल धन में कम छूट मिलेगी। योजना का फायदा अधिक से अधिक उपभोक्ता उठा सके, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
जिले में करीब पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें करीब साढ़े तीन लाख ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिजली बिल राहत योजना का लाभ उठा सकते हैं। एक दिसंबर से शुरू हो रही योजना का लाभ उपभोक्ता तीन चरणों में उठा सकते हैं। पहले चरण में रजिस्ट्रेशन कराने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर ब्याज माफी के साथ ही मूल धन पर भी 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दूसरा चरण एक जनवरी 2026 से शुरू होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल में लगा ब्याज माफ होने के साथ ही मूल धन में 20 फीसदी ही छूट मिलेगी जबकि 28 फरवरी से शुरू होने वाले तीसरे चरण में रजिस्ट्रेशन कराने वाले बिजली उपभोक्ताओं का शतप्रतिशत ब्याज माफ होगा, वहीं मूलधन में 15 फीसदी ही छूट ही मिलेगी।
बिजली चोरी करने वालाें को भी राहत
योजना के तहत बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। बिजली चोरी के प्रकरण में उपभोक्ताओं को शमन शुल्क तो पूरा देना पड़ेगा, लेकिन राजस्व निर्धारण में राहत दी गई है। पहले चरण में रजिस्ट्रेशन कराने वाले उपभोक्ताओं के राजस्व निर्धारण में 50 फीसदी, दूसरे चरण में 45 और तीसरे चरण में 40 फीसदी छूट मिलेगी।
पहली बार मूलधन में मिल रही छूट
मुख्य अभियंता पॉवर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियंता रामकुमार ने बताया कि वैसे तो बिजली उपभोक्ताओं को राहत के लिए हर साल योजना चलाई जाती है, लेकिन इस बार की योजना में बिजली उपभोक्ताओं को सर्वाधिक फायदा मिलेगा। पहले केवल ब्याज माफ होता था अबकी मूलधन में भी राहत दी जा रही है।