रायबरेली। जिले में बनाए गए 26 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 23,526 अभ्यर्थियों ने इम्तिहान दिया। जबकि 2477 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
परीक्षा के लिए हर केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सचल दलों ने भी छापामारी की। सघन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले में बने सभी 26 परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक पाली के लिए अलग-अलग स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक तैनात रहे। नौ सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पांच सचल दस्ते भी लगे।
परीक्षा केंद्रों के भीतर व बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पहली पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कराई गई।
इस पाली में 15470 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिसमें 14074 उपस्थित और 1396 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक हुई।
इस पाली में 10533 अभ्यर्थियों को भाग लेना था, जिसमें 9452 उपस्थित और 1081 अनुपस्थित रहे। डीआईओएस ओमकार राणा ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा ली गई। दोनों पालियों में 26003 अभ्यर्थियों में से 23526 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2477 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
काफी किया इंतजार, अब मिली गई राहत
परीक्षा देकर बाहर आए ज्यादातर अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी झलकी। वजह यह कि इस परीक्षा के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। नवंबर में परीक्षा होनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर पेपर निरस्त कर दी गई थी। लालगंज की ज्योति सिंह और मानसी मिश्रा ने कहा कि पेपर काफी अच्छा रहा। काफी तैयारी की थी।
नवंबर में परीक्षा निरस्त होने से मुश्किलें नजर आ रही थीं, लेकिन अब परीक्षा होने से राहत मिल गई है। अमेठी की रेनू जायसवाल ने कहा कि पेपर ज्यादा कठिन नहीं था।
रतापुर के राजेंद्र कुमार चौधरी, लालगंज के राहुल त्रिपाठी ने कहा कि पहले परीक्षा हो जाती तो इतना इंतजार नहीं करना पड़ता। परीक्षा हो गई, यही बड़ी बात है। अब तो रिजल्ट का इंतजार है। उमेश कुमार, अशोक मौर्य और विनय कुमार ने कहा कि पेपर ज्यादा कठिन नहीं था। सभी विषयों से संबंधित सवाल आए थे। बाल विकास से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे।