इस संबंध में शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। वेतन रुकने से सहायक अध्यापक से शिक्षामित्र परेशान हैं कि अब उनकी गाड़ी आगे कैसे बढ़ेगी।
प्रदेश सरकार की मंशा पर जिले में 2202 शिक्षामित्रों का समायोजन करके उन्हें सहायक अध्यापक बनाया गया था। पहले चरण में 1269 और दूसरे चरण में 933 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया था।
शिक्षक बनाने के बाद उनको वेतन भी दिया जा रहा था। 12 सितंबर को हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के पदों पर किए गए समायोजन को गलत करार देते हुए रद्द कर दिया था।
समायोजन निरस्त किए जाने के बाद जिले के 2202 शिक्षामित्रों का वेतन भी फंस गया है। सहायक अध्यापक बनाए गए शिक्षामित्रों को वेतन देना है या नहीं, इस संबंध में शासन से कोई पत्र नहीं आया है। ऐसी स्थिति में शिक्षामित्रों को वेतन भुगतान नहीं किया गया है।