रायबरेली। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दरियापुर में ओपीडी शुरू होते ही हर किसी के चेहरे खुशी से खिल गए। इलाज के लिए जनपद के साथ ही प्रतापगढ़ और अमेठी जिले के रोगियों की भीड़ लग गई।
रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले ही मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। भीड़ अधिक होने के कारण 1:35 बजे तक मरीजों का पंजीकरण तो 2.45 बजे तक इलाज किया गया। एम्स शुरू होने के पहले दिन 547 मरीजों का इलाज किया गया, जबकि दो रोगियों ने माइनर ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
सोमवार को सुबह आठ बजे चंडीगढ़ से आए एम्स के अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार, अकाउंट ऑफीसर दलजीत सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुधीर और यहां के प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने पूजन कर ओपीडी शुरू कराई। इलाज के लिए सुबह साढे़ छह बजे से ही रोगियों का आना शुरू हो गया। ओपीडी कक्ष खुलने से पहले ही मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। रजिस्ट्रेशन के साथ ही कक्षों में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज शुरू कर दिया।
मेडिसिन के अधिक रोगी होने के कारण दो डॉक्टर ओपीडी में बैठे। सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन विभाग में ही रही। एक-एक करके 547 रोगियों का इलाज किया गया, जिसमें मेडिसिन में 246, दंत विभाग में 34, नेत्र रोग विभाग में 77, हड्डी रोग विभाग में 110 और नाक, कान, गला विभाग में 78 रोगियों का इलाज किया गया। दो रोगियों ने माइनर ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इन दोनों को प्राथमिक जांच कर बाद में बुलाया गया।
300 रखवाए गए, लेकिन कम पड़ गए टोकन
एम्स में उम्मीद नहीं थी कि पहले दिन ओपीडी में रोगियों की भीड़ इतनी बढ़ जाएगी। इसी कारण 300 टोकन काउंटर पर रखवाए गए थे, लेकिन ये टोकन साढे़ 10 बजे ही खत्म हो गए। भीड़ को देखते हुए और टोकन मंगवाए गए। यूं तो रजिस्ट्रेशन का काम सुबह आठ से 11 बजे तक होना था, लेकिन रोगियों की लंबी लाइन होने के बाद अपरान्ह 1.35 बजे तक रजिस्ट्रेशन चलता रहा। किसी रोगी या फिर उसके तीमारदार को निराश नहीं किया गया।
..लेकिन अल्ट्रासाउंड व एक्सरे को भटके रोगी
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की जांच के लिए मशीनें तो लग गई हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न आने के कारण ये जांचें नहीं हो सकीं। करीब 75 मरीजों को इन जांचों का लाभ नहीं मिल सका। इसके अलावा काउंटरों पर भीड़ होने के कारण ब्लड की जांच के लिए शुल्क जमा करने में भी रोगियों को परेशान होना पड़ा। पहले दिन ब्लड शुगर व सीबीसी की जांचों का ही लाभ मिला। अन्य जांचें मरीजों को बाहर कराने की सलाह दी गई।
एम्स की ओपीडी सोमवार को शुरू करा दी गई है। पहले दिन रोगियों की काफी भीड़ रही, जिससे खुशी हुई है। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाई जाएंगी। हालांकि शुरूआत मेें सिर्फ ओपीडी शुरू की गई है। इमरजेंसी सेवाएं अभी शुरू नहीं की गई हैं। अभी डॉक्टरों समेत 35 स्थायी और 40 आउटसोर्सिंग स्टाफ रखा गया है। आगे अन्य सुविधाओं के लिए डॉक्टरों और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
- डॉ. अशोक कुमार, अधीक्षक एम्स रायबरेली