रायबरेली। शासन की मंशा पर जिले में 200 पीआरडी जवानों को कोरोना से लड़ाई करने के लिए उतारा गया है। मोहल्लों और गांवों में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद इलाके को हॉट-स्पाट या कंटेनमेंट जोन घोषित करने के बाद सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पीआरडी को दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन में पीआरडी जवान तैनात होंगे।
इसके लिए 200 पीआरडी जवानों को थानों में 50-50 दिन काम करने के लिए तैनाती दी गई है। शहर कोतवाली को 20, मिलएरिया को 14, भदोखर व बछरावां थानों को 12-12 जवान देने के साथ ही जिले के अन्य थानों को 10-10 पीआरडी जवान दिए गए हैं।
जिले में 677 पीआरडी जवान वर्तमान में एक्टिव हैं। हालांकि यह संख्या एक हजार के पार है लेकिन काम न मिलने के कारण काफी लोगों ने दूसरा काम शुरू कर दिया है। पहले से जिले में 287 पीआरडी जवानों को बैंकों और थानों में ड्यूटी दी गई है। कोरोना का खतरा बढ़ने के बाद शासन ने 200 और जवानों को ड्यूटी देने के आदेश दिए हैं।
थानों में तैनात किए गए इन पीआरडी जवानों से कोरोना सुरक्षा का काम लिया जाना है। हॉट-स्पाट और कंटेनमेंट जोन में इन्हें तैनात करके गांवों को कोरोना मुक्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। इन जवानों को 31 जुलाई तक के लिए थानों में भेजा गया है। थानों में इन्हें जरूरी स्थानों व कंटेनमेंट जोन में तैनात करके काम लिया जाना है।
शासन से तो सभी जिलों में पीआरडी जवानों को कोरोना से सुरक्षा के कार्यों के लिए तैनात करने के निर्देश दिए गये हैं लेकिन जिले में सबसे अधिक 200 जवानों को ड्यूटी दी गई है। डीएम शुभ्रा सक्सेना के प्रयास से जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी ने पीआरडी जवानों को थानों में तैनात करवा दिया है।
जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी एमएल रमन ने बताया कि जिले में हॉट-स्पाट व कंटेनमेंट जोन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 200 पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। जवानों को संबंधित थानों में भेज दिया गया है। थानों के स्तर से उन्हें कंटेनमेंट जोन में तैनात किया जाएगा।