रायबरेली। जिले में 18 साल की उम्र से अधिक के 17.41 लाख लोगों के टीकाकरण के बाद अब किशोर-किशोरियों को सुरक्षा कवच देने की तैयारी है। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 15 से 18 वर्ष के तकरीबन 2.05 लाख किशोरों को तीन जनवरी से पहली डोज दी जाएगी। इसके लिए पहली जनवरी से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण शुरू कराने के लिए तैयारियां करने में जुट गया है।
जिले में सबसे पहले हेल्थ वर्करों फिर फ्रंट लाइन वर्करों का टीकाकरण कराया गया। इसके बाद बुजुर्गों व 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीके लगाए गए। वर्तमान समय में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीके लगाए जाए रहे हैं। करीब 21 लाख लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य की तुलना में अब तक जिले में 17.41 लाख लोगों को कोरोना की पहली डोज और 10.05 लाख लोगों को कोरोना की दूसरी डोज भी मिल चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब 15 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर-किशोरियों को भी टीका लगवाने की घोषणा की है। पीएम की घोषणा के बाद जिले में टीकाकरण के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। तीन जनवरी से टीकाकरण शुरू होना है लेकिन अब तक जिले को लक्ष्य नहीं मिला है।
जिले में 2.05 लाख किशोर-किशोरियों के टीकाकरण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए पहली जनवरी से पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। जिन किशोर-किशोरियों के पास आधार या अन्य परिचय पत्र नहीं होगा, उनका पंजीकरण स्कूल के परिचय-पत्र पर कराया जा सकेगा।
सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाने वाले हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्करों के साथ ही बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जाएगी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 2,20,327 लोग हैं। 11,370 हेल्थ वर्करों और 13,954 फ्रंटलाइन वर्करों को कोरोना की दोनों डोज मिल चुकी है। जिले में 25,324 वर्करों और 2.20 लाख बुजुर्गों को कोरोना की बूस्टर डोज मिलेगी। 60 साल से ज्यादा के वे लोग जिन्हें कोई बीमारी होगी तो भी उन्हें वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज दी जाएगी।
हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्करों के साथ ही बुजुर्गों को 10 जनवरी से बूस्टर डोज देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके लिए आठ जनवरी से स्लॉट बुकिंग शुरू कराने की तैयारी है। हालांकि गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग बूस्टर डोज के लिए ब्लॉक क्षेत्रवार सूची तैयार करने में जुट गया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 25 हजार से अधिक हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्करों के साथ ही दो लाख से अधिक बुजुर्ग हैं। शासन से लक्ष्य मिलने के साथ ही इन्हें बूस्टर डोज देने का काम शुरू कराया जाएगा। 15 से 18 साल की उम्र के 2.05 लाख किशोर-किशोरियां हैं। इन्हें पहली डोज दी जाएगी। गाइडलाइन आने का इंतजार किया जा रहा है। जिला स्तर पर तैयारियां पूरी कराई जा रही हैं।