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अस्पतालों में 11 डॉक्टर समेत 19 मिले गैरहाजिर

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रायबरेली। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आदेश पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने एक साथ 22 सरकारी अस्पतालों में छापा मारा। छापे के दौरान 11 डॉक्टर समेत 19 लोग गैरहाजिर मिले। कहीं पीएचसी फॉर्मासिस्ट के भरोसे संचालित मिली तो कहीं मरीजों को दवाएं तक नहीं मिल पा रही थीं। अस्पतालों में गंदगी का अंबार मिला। निरीक्षण रिर्पोट आने के बाद सीएमओ ने डॉक्टरों व अन्य स्टाफ का वेतन रोकते हुए नोटिस देकर जवाब मांगा है। साथ ही सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों से भी गंदगी के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। शिकंजा कसे जाने के बाद मनमाने स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया।
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सोमवार को सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने लालगंज सीएचसी के साथ ही मधुकरपुर, ऐहार पीएचसी का निरीक्षण किया। मधुकरपुर में चिकित्सक डॉ. पूजा शुक्ला गैरहाजिर मिलीं। सभी अस्पतालों में गंदगी का अंबार मिला। केलौली और अटौरा हेल्थ वेलनेस सेंटरों में भी लापरवाही की हद देखने को मिली। मामले में सीएमओ ने संबंधितों को नोटिस देकर जवाब मांगा। एसीएमओ डॉ. दिलीप सिंह ने भदोखर पीएचसी का निरीक्षण किया तो अस्पताल फॉर्मासिस्ट धनंजय के भरोसे संचालित मिला। यहां डॉक्टर के साथ ही अन्य स्टाफ गैरहाजिर मिला। रुस्तमपुर पीएचसी में चिकित्सक डॉ. नेहा वर्मा गैरहाजिर मिलीं। यह अस्पताल भी फार्मासिस्ट के भरोसे मिला। भूएमऊ पीएचसी में अव्यवस्थाओं का अंबार मिला।
एसीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने जतुआ-टप्पा सीएचसी के साथ ही सहजौरा, मिश्रखेड़ा, सतांव पीएचसी का निरीक्षण किया। मिश्रखेड़ा पीएचसी में चिकित्सक डॉ. पूनम सिंह गैर हाजिर मिलीं। जतुआ-टप्पा सीएचसी में डॉ. रचना कटियार, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. अनुप्रिया, डॉ. अंकुर मिश्र और डॉ. जय प्रकाश नहीं मिले। इसके अलावा फीजियोथेरेपिस्ट बीरेंद्र सिंह, चपरासी राममिलन और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजयश्री भी गैरहाजिर रहे। सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने महराजगंज, शिवगढ़ और बछरावां के अस्पतालों को चेक किया। इन अस्पतालों में भी तीन चिकित्सक और पांच कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
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लंबे समय से पीएचसी से गैरहाजिर डॉक्टर उड़ा रहे मौज
जिले की पीएचसी और न्यू पीएचसी में तैनात डॉक्टर लंबे समय से मौज उड़ा रहे हैं। पीएचसी के आधे से अधिक चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। अब सरकार की ओर से शिकंजा कसे जाने के बाद चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है। पूर्व से करीब 15 डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। ये चिकित्सक तैनात तो किए गए हैं, लेकिन अस्पताल नहीं आ रहे हैं। जिले में लंबे समय से गैरहाजिर 15 से अधिक डॉक्टरों को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
डिप्टी सीएम के आदेश के बाद सोमवार को अधिकारियों की टीम भेजकर 22 अस्पतालों की जांच कराई गई। इसमें 11 डॉक्टरों समेत 19 लोग गैरहाजिर मिले हैं। संबंधितों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। गंदगी मिलने पर सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों से भी जवाब तलब किया गया है। अस्पताल न आने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई होगी। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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