रायबरेली। हरिओम हत्याकांड के 18वें आरोपी उमेश उर्फ नान्हू ने दीवानी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस उसकी तलाश में थी, लेकिन वह गुपचुप तरीके से कोर्ट पहुंच गया। पुलिस इसके पहले 17 लोगों को जेल भेज चुकी है।
फतेहपुर जिले के हरिओम वाल्मिकी को चोर समझकर एक अक्टूबर की रात ईश्वरदासपुर रेलवे स्टेशन के पास पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनके पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान 20 लोगों को चिह्नित किया गया था।
इसमें पुलिस वैभव सिंह, विपिन मौर्य, सुरेश मौर्य, विजय मौर्य, सहदेव पासी, सौरभ सिंह बघेल, अजय अग्रहरि, शिव प्रसाद अग्रहरि, शिवम अग्रहरि, अखिलेश मौर्य उर्फ नन्हे, लल्ली पासी, आशीष पासी, हेमंत उर्फ बड़े, दीपक अग्रहरि, सुजीत उर्फ छोटू व पियूष सिंह सहित 17 लोगों को जेल भेज चुकी है। पुलिस को तीन अन्य आरोपियों की तलाश थी। इसमें उमेश उर्फ नान्हू भी शामिल था। अब पुलिस को दो आरोपियों की तलाश है। सीओ गिरिजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि उमेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। फरार अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।