रायबरेली। मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद तमाम त्रुटियां सामने आ रही हैं। किसी गांव के वोटर काट दिए गए तो दूसरे गांवों में जोड़ दिए गए। ऊंचाहार तहसील के हेवतहा नेवढि़या ग्राम पंचायत के 181 वोटरों को सिधौर ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया।
मामला संज्ञान में आने के बाद अफरातफरी का माहौल है। सिद्धौर में 799 वोटर हैं, लेकिन अब बढ़कर 982 हो गए हैं। जिले में नोटिसें मिलने के बाद मतदाता वोटर होने का साक्ष्य देने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
जिले में एसआईआर का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद 2.32 लाख संदिग्ध वोटरों को नोटिस देकर उनकी सुनवाई की जा रही है। 2003 की वोटरलिस्ट में शामिल रहे मतदाताओं को भी नोटिस देकर साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए बुलाया गया है। लंबे समय से मतदान करने वाले वोटरों को अब परिचय देना पड़ रहा है।
इसी तरह अन्य तमाम खामियां भी हैं। ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के हेवतहा नेवढि़या ग्राम पंचायत के गिरधारी का पुरवा के 181 वोटर गांव से गायब हो गए हैं। इससे अफरातफरी है। इन वोटरों को पड़ोसी सिद्धौर ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया है। दोनों ही गांवों के बीएलओ इसको लेकर आश्चर्यचकित हैं।
शुक्रवार को तहसीलों में वोटरों की भीड़ रही। हर कोई वोटर होने का साक्ष्य दे रहा था। ऐसे में सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बुजुर्ग वोटरों ने बताया कि लंबे समय से मतदान कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें नोटिस दी गई है। ऐसे में परेशानी हो रही है। भागदौड़ करना पड़ रहा है।
एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ का कहना है कि एसआईआर का काम चल रहा है। जो भी त्रुटियां हैं। उन्हें दूर कराया जा रहा है। संदिग्ध वोटरों को नोटिस दी गई है। कुछ खामियां मिलने के कारण ऐसा किया गया है। बिना वजह किसी का नाम वोटरलिस्ट से बाहर नहीं किया जाएगा।