क्योंकि तमाम ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में जनसंख्या से अधिक वोटर बढ़ गए थे। डीडीसी के चुनाव के बाद तहसीलों में वोटर बढ़ाने का काम 6 नवंबर को शुरू हुआ और 22 नवंबर को पूरा हो गया।
इस दौरान 46 हजार से अधिक वोटरों की संख्या बढ़ गई। हालांकि वोटर लिस्ट से नाम कटने वालों की संख्या एक हजार भी नहीं है।
डीडीसी व बीडीसी के चुनाव में ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में बड़ा खेल उजागर हुआ था। 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में जनसंख्या से अधिक वोटर मिलने के बाद जांच कराई गई थी।
जिसमें एक लाख से अधिक वोटरों के नाम सूची से काटे गए थे। इसके बाद भी तमाम ऐसे लोगों के नाम सूची में रह गए थे, जिनके नाम दो-दो गांवों की सूची में शामिल हैं।
ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव की घोषणा होने के बाद वोटरों की संख्या बढ़ाने और घटाने का काम फिर से शुरू हो गया।
जिले में एक लाख से अधिक लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने की पेशकश की। इसके लिए आवेदन भी किया। जांच के बाद वोटर लिस्ट में नाम बढ़ा दिए गए हैं।
लालगंज तहसील क्षेत्र के ब्लॉकों में सर्वाधिक 12 हजार वोटर बढ़ाए गए हैं। बढ़े वोटरों की मतदाता सूूची ब्लॉकों को उपलब्ध करा दी गई है। इसी के आधार पर नामांकन प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा है।