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मार्डन कोच कारखाने ने जारी किए मेट्रो के लिए डेढ हजार करोड़ का टेंडर

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लालगंज (रायबरेली)। अब मेट्रो के लिए विदेशों से कोच नहीं मंगाने पड़ेंगे। बल्कि देश में ही मेट्रो के कोच बन सकेंगे। मेक इन इंडिया के तहत रेल कोच फैक्टरी में जल्द ही नागपुर व कोलकाता मेट्रो के डिब्बे बनेंगे।
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मेट्रो कोच के निर्माण के लिए डेढ़ हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया। यह टेंडर 20 फरवरी को खुलेगा। वहीं कोलकाता मेट्रो और नागपुर मेट्रो के डिब्बों के लिए कारखाने को ऑर्डर भी दे दिया है।


अभी तक मेट्रो के कोच ऊंचे दामों पर विदेशी कंपनियों से खरीदे जाते रहे हैं। रेल कोच फैक्टरी में मेट्रो के कोच बनने से पैसे के साथ समय की भी बचत होगी।


कोच फैक्टरी के जीएम सुनीत शर्मा ने बताया कि कारखाने की ओर से मेट्रो ट्रेन और डीपीआरएस ट्रेन के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।


इस दिशा में काम को तेज करने के लिए विशेषज्ञों के साथ प्री बिड मीटिंग भी करके योजना को आगे बढ़ाया गया है। पूरी आशा है कि 2021 तक यहां से मेट्रो के लिए कोच बना लिए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि यह देश की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई बन गई है। कोच उत्पादन में यह देश में दूसरे स्थान पर है। कोलकाता मेट्रो की ओर से कारखाने को मेट्रो कोचेज की सात रैक बनाने का आर्डर मिल गया है। जिसमें करीब 42 डिब्बे बनाए जाएंगे।


नागपुर मेट्रो ने भी यहां से बनाए गए कोचों को खरीदने के लिए ऑर्डर दिया है। इसके अलावा फैक्टरी मेमू ट्रेन के 500 डीपीआरएस कोचों सेल्फ प्रोपेल्ड (स्वचालित) का भी निर्माण होगा।


अभी तक ये कोच विदेशी कंपनियों से खरीदे जाते रहे हैं। जहां इनकी कीमत करीब 12 करोड़ तक पहुंच जाती थी। मॉडर्न रेल कोच कारखाने में ये डिब्बे विश्वस्तरीय मानक के अनुरूप काफी कम लागत में बनाए जाएंगे।


डेढ़ सौ करोड़ का एक अन्य टेंडर
डेढ़ करोड़ का एक अन्य टेंडर जारी किया गया है जो एल्यूमिनियम के डिब्बे बनाने के लिए है। ये डिब्बे वजन में स्टील से बने डिब्बों की अपेक्षा काफी हल्के होंगे।


इन्हें खींचने में भी कम ऊर्जा लगेगी। साथ ही स्पीड बेहतर की जा सकेगी। यह डिब्बे एसी टू व थ्री टायर मेें प्रयोग किए जाएंगे। जल्द ही इसका टेंडर खुलेगा।


बुलेट ट्रेन के डिब्बों के निर्माण के लिए खींचा जा रहा खाका
जीएम ने बताया कि मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलाई जाने वाली बुलेट ट्रेन को बनाने के लिए जापान की जिका संस्था से सहयोग लिया जा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने यहां विजिट किया था।


जीएम सुनीत शर्मा ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने कारखाने की टेकभनोलॉजी को बेहतरीन करार दिया। साथ ही यहां बुलेट ट्रेन के कोचेज बनाए जाने को लेकर हामी भरी। भविष्य में योजना है कि मांग बढ़ने पर जिका के सहयोग से यहां बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाए जाएं।
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