फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

21 घंटे से बिना बिजली के 17 लाख आबादी

Sat, 20 Aug 2016 11:42 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
‌ब‌िजली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पावर कॉर्पोरेशन के त्रिपुला ट्रांसमिशन में शुक्रवार को आग लगने के बाद 21 घंटे से बिना बिजली-पानी के रहने को मजबूर करीब 17 लाख आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को दूसरे दिन भी बिजली व्यवस्था बेपटरी रही।
विज्ञापन


पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही। खास बात ये है कि व्यवस्था में सुधार के बजाय अफसर अपनी-अपनी गर्दन बचाने में जुटे हैं। ट्रांसमिशन त्रिपुला से विद्युत उपकेंद्र इंदिरा नगर को आने वाली लाइन का तार शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे टूटकर गिर गया था।

दोबारा लाइन को होल्ड कराने के चक्कर में त्रिपुला ट्रांसमिशन में तेज आवाज के साथ उपकरण जलने लगे। देखते ही देखते यार्ड में सीटी, पीटी, बस बार समेत अन्य सामान जल गए थे। इससे कई उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप होने से करीब 17 लाख आबादी अंधेरे में रहने को विवश हो गई।
विज्ञापन


देर रात करीब 12 बजे तक शहर का तेलियाकेाट, प्रगतिपुरम के अलावा अटौरा, खीरों, गुरुबख्शगंज, डीह, फुरसतगंज, सरेनी, लालगंज, गदागंज, उत्तरपारा, कठगर सब स्टेशन की आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन इंदिरा नगर उपकेंद्र की लाइन के तार कई जगह टूटने से 15 मिनट बाद ही आपूर्ति ठप हो गई।

कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह चार बजे आपूर्ति बहाल हो पाई। लेकिन करीब 4:30 बजे आपूर्ति फिर ठप हो गई। इसके बाद शनहवार अपराह्न करीब 11 बजे आपूर्ति चालू हुई और दोपहर करीब 1 बजे फिर बिजली गुल हो गई। शाम चार बजे 15-20 मिनट के लिए बिजली आई और फिर गुल हो गई।

इसके बाद रात 9 बजे तक आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। शनिवार पूरे दिन बिजली व्यवस्था बेपटरी रहने से करीब 17 लाख आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार रातभर बिजली नहीं रहने से शनिवार सुबह के वक्त पानी आपूर्ति ठीक तरीके से नहीं हो पाई।   इससे लोगों को पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। वहीं विभागीय अधिकारी बिजली व्यवस्था में सुधार किए जाने के बाद अपनी-अपनी गर्दन बचा रहे हैं। शुक्रवार को हुए हादसे के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

एक्सर्ईएन ट्रांसमिशन संजीव कुमार भाष्कर का कहना है कि इंदिरा नगर की 33 केवीए लाइन का तार टूटकर तालाब में गिर गया था। इससे ब्रेकर ट्रिप हो गया था। दोबारा लाइन को होल्ड कराने में तेज स्पार्किँग के साथ ट्रांसमिशन के यार्ड में आग लगी। नियमत: लाइन की मेगरिंग कराकर ही होल्ड कराया जाना था, लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन ने ऐसा नहीं कराया।

अधीक्षण अभियंता डिस्ट्रीब्यूशन पंकज कुमार का कहना है कि इंदिरा नगर उपकेंद्र की लाइन में फॉल्ट की जानकारी होने के बावजूद ट्रांसमिशन ने मेंगरिंग कराने के नहीं कहा। खास बात यह है कि जब पहली बार ब्रेकर ट्रिप हो गया था तो ट्रांसमिशन को बिना मेंगरिंग के दोबारा लाइन को होल्ड नहीं करना था।   ट्रांसमिशन के कर्मचारियों ने ही आपूर्ति शुरू की थी। देर रात को फॉल्ट ठीक होने के बाद मेगरिंग कराने के बाद ही आपूर्ति शुरू की गई। यदि मेगरिंग पहले करा ली जाती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
  वहीं जनहित विकास संगठन के पदाधिकारियों ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी जताई। शनिवार को सभी ने अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार से मिलकर ट्रांसमिशन त्रिपुला में आई बड़ी खराबी की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
  संगठन के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, महामंत्री शरद मेहरोत्रा ने बताया कि इंदिरा नगर की 33 केवीए लाइन में आये फॉल्ट को ठीक किए बिना ही होल्ड कराने के प्रयास में 21 घंटे बिजली गुल रही।
  सुबह चार बजे आपूर्ति शुरू हुई। उसके बाद ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अधीक्षण अभियंता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें