रायबरेली। लघु सिंचाई विभाग में बोरिंग पाइप आपूर्ति का ठेका दिलाने के नाम पर कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। विभाग में तैनात बाबू ने पाइप आपूर्ति का ठेका दिलाने के नाम पर ठेकेदार से 1.58 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठेकेदार को न तो ठेका मिला और न ही बाबू अब रुपया वापस कर रहा है। शिकायत पर एसपी ने सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार को प्रकरण की जांच सौंपी है।
ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के जमुनीहार गांव निवासी शिव बहादुर सिंह के मुताबिक लघु सिंचाई विभाग में तैनात बाबू ने दो ब्लॉकों में पाइप आपूर्ति का काम दिलाने की बात कही थी। इसके एवज में एक बार उसने 8300 रुपये, दूसरी बार एक लाख छह हजार और तीसरी बार 50 हजार रुपये ले लिए। पीड़ित के मुताबिक बाबू ने रुपये बाबू ने अपने खाते में मंगवाए थे। पीड़ित का कहना है कि बाबू से रुपये मांगो तो जानमाल की धमकी देता है।
पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार ने सीओ सदर को जांच सौंपते हुए मामले में कार्रवाई कराने के लिए कहा है। उधर, लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज कुमार राय ने बताया कि कार्यालय में तैनात बाबू अशरफ खान पर पाइप आपूर्ति का काम दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने का आरोप लगा है। टीम गठित करके जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर बाबू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पानी निकालने के काम आता है बोरिंग पाइप
बोरिंग पाइप भूमि के अंदर गहराई तक बोरिंग कर पानी निकालने के लिए उपयोग किए जाते हैं। मीडियम ड्रीप योजना के तहत किसानों को छह इंची बोरिंग के लिए अनुदान दिया जाता है। इस प्रक्रिया में, किसान को कार्यालय में 51,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होता है। इसके बाद विभाग बोरिंग में लगने वाले पाइप, बोरिंग मशीन, लेबर चार्ज आदि का खर्च वहन करता है। यह ठेके पर दिया जाता है। इसी काम से सेटिंग गेटिंग का खेल होता है।