रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने सराफ राजकुमार वर्मा की हत्या के मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की मानें तो बदमाशों ने दुकान के अंदर घुसकर लूटपाट की और विरोध करने पर गला घोंटकर हत्या कर दी। बदमाशों के पास से पुलिस ने नकदी, जेवरात समेत तीन लाख रुपये कीमत का लूटा सामान बरामद किया है।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सोनार गली कैपरगंज निवासी सराफ राजकुमार की 19 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे अर्जुन राम की तहरीर पर खुशीराम के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया गया था।
खुलासे के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी। रविवार रात घटना में शामिल बदमाश ट्रेन से भागने की फिराक में थे। मुखबिर की सूचना पर सदर कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, स्वॉट टीम प्रभारी जेपी यादव, सर्विलांस प्रभारी अमरेश त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर बदमाशों को दबोच लिया।
इनकी पहचान सोनार गली निवासी शादाब अंसारी, इरशाद अंसारी, कहारों का अड्डा निवासी मो. अशरफ के रूप में हुई है। बदमाशों के पास से 4400 रुपये, दो हार, आठ चैन, आठ अंगूठी, चार कड़े, दो जोड़ी झाले, एक जोड़ी पायल समेत तीन लाख का सामान बरामद हुआ है।
साथ ही बदमाशों के पास से मृतक के दो मोबाइल भी मिले हैं। एसपी ने बताया कि तीनों बदमाश लूट के इरादे से दुकान में घुसे थे और विरोध करने पर व्यवसायी की हत्या कर दी।
मृतक के बेटे ने जिस व्यक्ति को नामजद किया गया था, उसकी घटना में भूमिका नहीं पाई गई। बताया कि उसे क्लीनचिट दे दी गई है।
सर्विलांस के जरिए कातिलों तक पहुंची पुलिस
एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने मृतक के दो मोबाइल भी उठा लिए थे। पहचान न होने पाए, इसके लिए बदमाशों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए थे।
हालांकि बगल की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के जरिए पुलिस ने कातिलों को पहचानने का प्रयास किया। साथ ही सर्विलांस के जरिए नंबर ट्रेस किया तो दोनों की लोकेशन मिल गई। इस पर तीनों को दबोच लिया गया।
अकेले होने का बदमाशों ने उठाया था फायदा
सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि पकड़ा गया शादाब सोने-चांदी के जेवरात बनाता है, जबकि अशरफ पेंटर है। वहीं इरशाद वाहन चालक है। घटना वाले दिन सराफ दुकान पर अकेले था।
इस बात की जानकारी बदमाशों को हो गई थी। इसी का फायदा उठाते हुए तीनों दुकान के अंदर घुस गए और लूटपाट करने लगे। व्यवसायी ने विरोध किया तो उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया।