रायबरेली। लखनऊ-वाराणसी मार्ग पर श्रीराज नगर से उतरेटिया तक रेल लाइन दोहरीकरण पूरा हो चुका है, जिस पर ट्रायल लेने के लिए महकमे के मुख्य संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाएंगे।
सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही श्रीराज नगर से उतरेटिया के बीच दोनों ट्रैकों पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी डीजल इंजन चालित ट्रेनें ही चलेंगी, क्योंकि इस रेल खंड पर अभी विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं हो सका है।
आरवीएनएल के अफसरों का कहना है कि 23 अप्रैल को उतरेटिया से श्रीराज नगर तक डबल रेलवे लाइन का निरीक्षण सीआरएस करेंगे।
निरीक्षण सुबह उतरेटिया स्टेशन से शुरू होगा। सीआरएस मोटर ट्राली से निरीक्षण के लिए निकलेंगे और मोहनलालगंज, कनकहा, निगोहा होते हुए श्रीराज नगर पहुंचेंगे।
इसके बाद वह हाईस्पीड पर विशेष रेलगाड़ी से ट्रैक का ट्रायल लेंगे। रेल विकास निगम लिमिटेड के मुख्य परियोजना अधिकारी (सिविल) जयंत चौधरी ने सीआरएस के ट्रायल के दौरान हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाए जाने को देखते हुए सतर्कता के संबंध में विशेष निर्देश जारी किए हैं।
अब पटरी पर लौटेगा ट्रेनों का संचालन
श्रीराज नगर से उतरेटिया तक डबल लाइन के काम की वजह से करीब एक पखवारे से ट्रेनों का संचालन बिगड़ा हुआ है। पहले प्री-नान इंटरलाकिंग, फिर नान इंटरलाकिंग की अनुमति लिए जाने के कारण लखनऊ-वाराणसी और लखनऊ-प्रयागराज रूट पर चलने वाली ज्यादातर गाड़ियां निरस्त हैं।
कई गाड़ियों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। मंगलवार को ट्रायल के बाद ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौटने की उम्मीद है। आरवीएनएल के सीपीओ जयंती चौधरी ने बताया कि सीआरएस के निरीक्षण के बाद निरस्त ट्रेनों का आवागमन प्रारंभ हो सकेगा। यात्रियों को डबल रेल लाइन की सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा।
अगले महीने पूरा होगी इलेक्ट्रिक रेल लाइन
लखनऊ-वाराणसी रेल लाइन पर तीसरे चरण के लिए होने वाले विद्युतीकरण कार्य में एक महीने का समय लगेगा। तीसरे चरण में श्रीराज नगर से उतरेटिया तक विद्युतीकरण होना है, जहां डबल लाइन पर काम कराया जाएगा।
डबल लाइन तैयार हो चुकी है, जिसके ट्रायल के बाद बिजली के तारों की वायरिंग का काम एक महीने में पूरा किया जाएगा। आरवीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि श्रीराज नगर से उतरेटिया तक विद्युतीकरण का काम एक महीने बाद पूरा होगा और फिर सीआरएस की निगरानी में ट्रायल लिया जाएगा।