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Raebareli News: 141 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी बिजली व्यवस्था जर्जर

Wed, 11 Mar 2026 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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जगतपुर क्षेत्र में खेत से होकर ​निकले बिजली के लटकते तार।
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रायबरेली। जिले में बिजली की जर्जर लाइनें आपूर्ति में लगातार बाधा बन रही हैं। हैरानी की बात यह है कि आरडीएसएस योजना के तहत 141 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर तार बदलने और अन्य सुधार कार्य किए गए। इसके बावजूद जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। आलम यह है कि मामूली हवा चलने पर भी तार टूटने या जंफर कटने से घंटों बिजली गुल हो जाती है।
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आरडीएसएस योजना का उद्देश्य 33 केवी, 11 केवी और एलटी लाइनों के खुले तारों को हटाकर उनकी जगह सुरक्षित केबल डालना था। हालांकि इस कार्य में केवल औपचारिकता पूरी की गई है। वर्तमान में 33 केवी और 11 केवी की लाइनें बेहद जर्जर स्थिति में हैं। खंभों के बीच की दूरी अधिक होने के कारण तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। हल्की बारिश या हवा चलते ही इन ढीले तारों में फॉल्ट आ जाता है और आपूर्ति ठप हो जाती है। उधर, अधीक्षण अभियंता (विद्युत विभाग अखिलेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में इन कार्यों की जांच चल रही है। यदि कहीं तार जर्जर या ढीले पाए जाते हैं, तो उस समस्या को तुरंत दूर कराया जाएगा।

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जर्जर लाइनों की समस्या
जिले में 33 और 11 केवी की बिजली लाइनें पूरी तरह जर्जर हैं। इन लाइनों के तार इतने कमजोर हैं कि मामूली दबाव पड़ते ही टूट जाते हैं। मानकों के अनुसार दो खंभों के बीच की दूरी 40 मीटर होनी चाहिए, लेकिन जिले में कई जगहों पर यह दूरी सौ से 150 मीटर तक है। जिससे तार काफी नीचे तक झूलते रहते हैं। यही कारण है कि हल्की हवा या बारिश होते ही लाइनों में फॉल्ट आ जाता है। तारों के टूटने और जंफर कटने की वजह से बार-बार बिजली गुल होने से शहर और गांव दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ता परेशान हैं।
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उपभोक्ताओं को परेशानी
बिजली की लगातार कटौती से लगभग पांच लाख उपभोक्ताओं का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय उपभोक्ताओं विकास बाजपेयी, बबलू सिंह, आकाश तिवारी, व्यापारी आशुतोष, शिवकुमार तिवारी और रामप्रकाश तिवारी का कहना है कि मौसम में जरा सा बदलाव आते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। पावर कॉर्पोरेशन हर साल सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है। बार-बार बिजली गुल होने से दैनिक कामकाज और व्यापार पूरी तरह प्रभावित है। बेहतर आपूर्ति के लिए न केवल ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, बल्कि अब तक कराए गए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच भी होनी चाहिए।
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यह कराए गए कार्य
33 केवी लाइन के बदले गए तार- 9 किमी
11 केवी लाइन के बदले गए जर्जर तार- 220 किमी
एलटी लाइन में खुले तार की जगह लगाई गई केबल- 1380 किमी
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