पावर कॉर्पोरेशन ने ग्रामीण इलाकों में निजी नलकूपों के बिजली बकाए पर एकमुश्त समाधान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन फीस घटा दी है। पहले इस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए 2500 रुपये लिए जाते थे। अब इसे घटाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। नलकूप कनेक्शन धारकों पर 19 करोड़ रुपये बकाया है।
निजी नलकूप मालिकों के बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन एकमुश्त समाधान योजना लेकर आया है। इसके तहत बिजली के बकाये बिल पर सरचार्ज नहीं लगता है। हालांकि इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं को तभी मिलता है, जब वे इस योजना में पंजीकरण कराते हैं।
अब इस पंजीकरण शुल्क को कम कर दिया गया है। विद्युत वितरण खंड प्रथम में छह हजार ऐसे नलकूप के कनेक्शन हैं, जिनके ऊपर सात करोड़ रुपया बकाया है। इसी तरह विद्युत वितरण खंड द्वितीय में पांच हजार 792 ऐसे किसानों हैं, जिनके ऊपर 12 करोड़ रुपया बकाया है।
इस पर पावर कॉर्पोरेशन ने नलकूप के कनेक्शन धारकों को सहूलियत देते हुए ओटीएस योजना शुरू की है। इसके लिए किसानों को पहले 2500 रुपये का रजिस्ट्रेशन कराना था। उसके बाद किसानों को योजना का लाभ मिलना था।
लेकिन बैंकों में 500 रुपये का नोट न मिलने की वजह से पावर कॉर्पोरेशन से 2000 रुपये का रजिस्ट्रेट फीस कर दी, ताकि किसान आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का लाभ उठा सकें।
अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि नोटबंदी के बाद बैंकों में 500 रुपये का नोट नहीं मिलने की शिकायतें आ रही थी। इस वजह से किसानों को रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे थे। इसे देखते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश पर दो हजार रुपये में किसानों के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान 31 दिसंबर तक योजना का लाभ उठा सकते हैं