डीह (रायबरेली)। पूरे मियां मजरे सूची में रविवार को आग से 12 घर जलकर राख हो गए। एक मवेशी की मौत हो गई। आग से नकदी, अनाज, कपड़ा समेत अन्य सामान जल गया। घटना से करीब पांच लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। आग कैसे लगी, इसकी जांच पुलिस कर रही है।
दोपहर करीब एक बजे गांव की सुमन पत्नी पंकज के घर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें ने पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया। आसपास के लोगों ने आग को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन तेज धूप और गर्मी होने के चलते सफल नहीं हुए। आग ने सुमन के अलावा प्रकाश, राहुल, शिवनारायण, राम, लखन, फूलचंद, ज्ञानवती पत्नी जुंगीलाल, रामनेवाज, रिंकू, बैद्यनाथ, सुचिता के घरों को भी चपेट में ले लिया।
सूचना पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक 12 घरों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। पीड़ितों ने बताया कि आग से नकदी, जेवरात, कपड़ा, अनाज समेत अन्य सामान जल गया है। आग की चपेट में आने से प्रकाश के एक गोवंश की मौत हो गई।
नायब तहसीलदार सुजित सिंह लेखपाल सावलराम मीना और राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र त्रिवेदी ने आग से हुए नुकसान का आकलन किया। पांच लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। नायब तहसीलदार ने बताया कि आग लगने की वजह सामने नहीं आई है।
आग से बांस कोठी जली
हलोर। कुशलगंज गांव में दोपहर तीन बजे आग लगने से बांस कोठी जल गई। बांस की कोठी गांव के पास थी। आग कैसे लगी, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। बांस की कोठी में आग लगने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीण रामू शुक्ला, राम शुक्ला, अनुज प्रजापति, आबिद अली ने बताया कि पानी डालकर जब तक आग पर काबू पाते, तब तक बस कोठी जलकर राख हो गई। कुछ समझ में ही नहीं आया कि आग कैसे लगी।