सिंहपुर (रायबरेली)। अमेठी जिले के सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने रविवार को अचानक सीएचसी सिंहपुर को चेक किया। चेक करने पर रोगी फर्श पर लेटे मिले।
सीएचसी अधीक्षक और इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक नदारद मिले। इस पर दोनों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े संविदा चिकित्सक अरुण द्विवेदी को हटाने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि सीएचसी में ऑपरेशन थिएटर को वातानुकूलित बनाया जाएगा और यहीं पर अब जल्द ऑपरेशन भी रोगियों के किए जाएंगे।
ऑपरेशन कराने के लिए रोगियों को अमेठी जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान सीएमओ ने कुछ रोगियों का इलाज किया।
जिले के अंतिम छोर पर स्थित सीएचसी सिंहपुर एक लंबे अरसे से सुर्खियों में है। यहां पर अव्यवस्थाओं व मनमानी से रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसकी हकीकत परखने के लिए अमेठी जिले के सीएमओ ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चार मरीज फर्श पर लेटे मिले।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. बाबर कादरी और सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष गुप्ता नदारद मिले। दोनों को निलंबन किए जाने की सीएमओ ने संस्तुति की।
सीएमओ ने रोगियों से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जाना। सीएमओ ने बताया कि रंगाई पुताई व सुंदरीकरण के लिए ढाई लाख रुपया सीएचसी के खाते में भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संविदा पर कार्यरत चिकित्सक डॉ. अरुण द्विवेदी नदारद थे, जिनकी संविदा समाप्त करने के निेर्दश दिए गए हैं।
सीएमओ ने जब कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया तो वहां पर दस दिनों से जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के 49 फार्म पेडिंग मिले।
इस पर सीएमओ ने हेल्थ सुपरवाइजर केडी यादव को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि छह दिन के अंदर लाभार्थियों को पैसे का भुगतान हो जाना चाहिए, वरना कार्रवाई होगी।