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11 ब्लॉकों को नहीं मिले स्वेटर, ठिठुर रहे नौनिहाल

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रायबरेली। दिसंबर का महीना शुरू हो चुका है। ठंड भी अच्छी खासी पड़ने लगी है। शाम ढलते ही शीत लहर चलने लगती है और सुबह देर तक मौसम सर्द रहता है। इसके बावजूद जिले में स्वेटर वितरण की स्थिति बहुत खराब चल रही है।
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हालत तो यह है कि अभी तक 11 ब्लॉक क्षेत्रों में स्वेटर आपूर्ति ही नहीं हुई है। जिले के 2.51 लाख बच्चों को स्वेटर वितरण किया जाना है, लेकिन आपूर्ति महज 1.26 लाख ही हुई है। जो आपूर्ति हुई है, वह भी पूरी तरह बच्चों में नहीं बंट सका है।
इससे नौनिहालों को ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। अधिकारी सिर्फ यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि आपूर्ति ही समय से नहीं हो पा रही है।
जिले में नगर क्षेत्र समेत 19 विकास खंड में 2700 से अधिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के दो लाख 51 हजार 87 छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरण किया जाना है।
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इसके सापेक्ष अभी एक लाख 26 हजार 252 स्वेटर की आपूर्ति जिले को हो सकी है। यह आपूर्ति नगर क्षेत्र, राही, बछरावां, लालगंज, रोहनिया, जगतपुर, छतोह, हरचंदपुर में हुई है।
इन ब्लॉकों में गिने-चुने स्कूलों में ही स्वेटर वितरण हुआ है। बाकी 11 ब्लॉकों में अब तक स्वेटर की आपूर्ति ही नहीं हुई है। शासन ने 30 नवंबर तक स्वेटर वितरण कराने का निर्देश दिया था।
लेकिन इस जिले को 30 नवंबर तक महज चार ब्लॉकों बछरावां, लालगंज, रोहनिया, छतोह में ही आपूर्ति हो सकी थी। स्वेटर आपूर्ति में हो रही देरी से बच्चों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है।
स्वेटर वितरण की स्थिति इस बार काफी खराब है। यह हाल सिर्फ रायबरेली का ही नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों में इससे भी ज्यादा बदतर हालत है। स्वेटर वितरण के मामले में रायबरेली का स्थान 31वां है।
यहां लगभग 51 प्रतिशत आपूर्ति होने और वितरण किए जाने का दावा किया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो पड़ोसी जनपद और यूपी की राजधानी लखनऊ, बलिया, बलरामपुर, चित्रकूट समेत कई जिलों में प्रगति शून्य है।
पड़ोसी जिले बाराबंकी में आठ फीसदी स्वेटर वितरण हुआ है। अब तक जितने भी स्वेटर आए हैं, उनमें अभी गुणवत्ता को लेकर कोई मामला सामने नहीं आया है।
विकासखंड दीनशाह गौरा के परिषदीय विद्यालयों में स्वेटर अब तक न बांटे जाने से बच्चे ठिठुर रहे हैं। दिसंबर महीने की ठंड में बच्चों को परेशानी हो रही है। उर्दू मीडियम प्राथमिक विद्यालय जलालपुर धई में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचे।
प्रधानाध्यापक मनोज गौड़ ने बताया कि 145 पंजीकृत छात्रों में 85 छात्र उपस्थित हैं। सभी बच्चे यूनीफॉर्म पहन कर तो आए, लेकिन स्वेटर नहीं मिले थे। यही हाल दूसरे स्कूलों का भी है।
खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार कहा है कि अभी स्वेटर नहीं मिले हैं। आपूर्ति होते ही वितरण करा दिया जाएगा। बीएसए पीएन सिंह ने कहा कि दूसरे जिलों की अपेक्षा यहां स्वेटर वितरण की स्थिति बेहतर है।
तीन दिन पहले तक जिले की रैंकिंग 31वीं थीं, जिसमें अब काफी सुधार हुआ है। अगले एक हफ्ते के भीतर जिले के सभी ब्लॉकों में स्वेटर की आपूर्ति हो जाएगी। सभी विद्यालयों में बच्चों को स्वेटर वितरण कराने का पूरा प्रयास होगा।
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