जिले के 1 लाख 71 हजार 453 पेंशनधारकों को तीन माह से पेंशन नहीं मिली है। इससे वृद्धा, विधवा व समाजवादी पेंशन योजना के लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने पेंशन के लिए प्रतिमाह 500 रुपये पेंशनरों के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की है, लेकिन इस पर सरकार खुद ही अमल नहीं कर पा रही है।
जिले में वृद्धावस्था पेंशन धारक 82181 हैं। समाजवादी पेंशन धारक 65500 हैं। पिछले साल से सभी प्रकार की पेंशन लखनऊ स्थित संबंधित निदेशालयों से सीधे पेंशनरों के खातों में भेजी जाती है। लेकिन नियम बननेे के बाद से ही कभी भी प्रतिमाह पेंशन खातों में नहीं पहुंच पाई।
पिछले साल पेंशनरों को तीन-तीन महीने की पेंशन अक्तूबर तक की मिली थी। इसके बाद से किसी को पेंशन नहीं मिली। जिला प्रशासन दो माह से चुनाव में लगा है। उसे भी इस ओर ध्यान देने की फुर्सत नहीं है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन की तीन किस्तें दिसंबर में निदेशालय ने खातों में भेजी थी। जिले स्तर से पेंशन खातों में भेजने की व्यवस्था समाप्त हो गई है। विधवा पेंशनधारकों की संख्या 23772 है।
पहले इनको पेंशन प्रतिमाह 300 रुपये मिलती थी, लेकिन पिछले साल बढ़कर 500 रुपये प्रतिमाह हो गई है। जिला प्रोवेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी का कहना है कि पेंशन सीधे निदेशालय से पेंशनरों के खातों में भेजी जाती है। यहां से पेंशनरों की स्वीकृत सूची निदेशालय को भेज दी जाती है।