आसपुर देवसरा के रोही पट्टी में बृहस्पतिवार सुबह ट्रांसफाॅर्मर बनाने के दौरान जितेंद्र निषाद करंट की चपेट में आने से धू-धू कर जिंदा जल गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर आक्रोशित परिजन संग ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पर शव रखकर हंगामा किया। जानकारी पर दो थानों की पुलिस पहुंची। बिजली विभाग के अधिकारियों की मदद के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के छतौना निवासी जितेंद्र निषाद (25) गांव के ही संविदा लाइनमैन रवि उपाध्याय के साथ बिजली बनाने का काम करता था। जितेंद्र की मां उर्मिला के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे रवि उपाध्याय घर पहुंचे।
वह जितेंद्र को जबरन अपने साथ रोही पट्टी में राजकुमार मिश्र के घर सामने लगे ट्रांसफाॅर्मर बनवाने ले गए। आरोप है कि उसे जबरन ट्रांसफाॅर्मर की खराब लाइन को ठीक करने के लिए चढ़ा दिया। अभी वह खामी देख ही रहा था तभी विद्युत आपूर्ति होने से वह करंट की चपेट में आ गया।
करंट की चपेट में आने से जितेंद्र के शरीर में आग लग गई। यह देख लाइनमैन रवि उपाध्याय भाग निकला। लोगाें की सूचना पर बिजली उपकेंद्र से आपूर्ति बंद की गई। इसके बाद जितेंद्र नीचे आ गिरा। करीब सवा सात बजे खबर मिलने पर परिजन पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना से आक्रोशित परिजन संग ग्रामीण शव लेकर विद्युत उपकेंद्र पहुंचे। लोगों को आता देख कर्मचारी भाग निकले। लोग आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर आसपुर देवसरा थानाध्यक्ष व पट्टी कोतवाल भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
इस बीच एसडीओ पट्टी एसबी प्रसाद पट्टी व देवसरा के जेई के साथ पहुंचे। मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये तत्काल देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मृतक की मां उर्मिला ने देवसरा पुलिस को लाइनमैन व एसएसओ के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। पीएम के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विद्युत उपकेंद्र पर भीड़ से हाईवे पर लग गया जाम
विद्युत उपकेंद्र पर मृत युवक का शव रखकर लोग हंगामा करने लगे। सुबह आठ बजे से दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। इससे वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर जाम लग गया। लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इस दौरान पुलिस लोगों को किनारे करने का प्रयास करती रही, लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था।
चार भाइयों में मझला था जितेंद्र
छतौना निवासी जितेंद्र चार भाइयों में मझला था। सबसे बड़ा भाई सुरेंद्र है। मृतक से छोटे चंद्रजीत व सुभाष हैं। हालांकि परिवार के लोगों का जितेंद्र सहारा था।