मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती मरीज गर्मी से उबल रहे हैं। उमस से उनकी हालत खराब है। वार्डों में अस्पताल प्रशासन की तरफ से लगवाए गए पंखों की स्पीड धीमी है। कूलर और एसी खराब पड़े हैं। वह पंखे की हवा खा रहे हैं। शुक्रवार को पड़ताल के दौरान महिला अस्पताल में गर्मी से बचाव के इंतजाम दुरुस्त नहीं मिले।
महिला अस्पताल में 15 वार्ड और 100 बेड हैं। यहां रोजाना करीब 800 से ज्यादा महिला मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचती हैं लेकिन गर्मी से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। वार्डों में कूलर और एसी खराब हैं।
ठंडे पानी का भी नहीं है इंतजाम
महिला अस्पताल में मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को गर्मी में शुद्ध शीतल जल तक नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन बोतल बंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
इनसेट
आयुष्मान वार्ड की एसी, कूलर दोनों खराब
महिला अस्पताल के आयुष्मान वार्ड के कूलर और एसी खराब हैं। जबकि आयुष्मान के मरीजों को बेहतर व्यवस्था सेवाएं मुहैया कराने के लिए शासन ने आदेश दे रखा है।
बोले मरीज
महिला अस्पताल के जनरल वार्ड में कुल छह पंखे हैं, एक खराब है। एसी और कूलर के इंतजाम नहीं हैं। - राज, तीमारदार निवासी सदर मोड़
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आयुष्मान वार्ड में एसी और कूलर दोनों खराब हैं। यही हाल अन्य वार्डों का है। प्यास बुझाने के लिए बाजार से पानी खरीदकर लाना पड़ता है।
- मुकेश मिश्र, तीमारदार निवासी रैनी सतखरिया रानीगंज
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सर्जिकल वार्ड में एसी और कूलर नहीं है। पंखा भी धीरे चल रहा है। गर्मी से हाल बेहाल है। - ज्योति, मरीज निवासी डेरवा
वर्जन
14 एसी और सात कूलर के लिए प्राचार्य को पत्र भेजा गया है। इसी सप्ताह एसी-कूलर और वाटर कूलर सभी वार्डों में लगवा दिए जाएंगे।
डॉ. रमेश पांडेय, सीएमएस मेडिकल कॉलेज।