क्षेत्र के कांधरपुर की अस्थायी बस्ती में शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ घूमंतू परिवारों का 15 आशियाना आग का गोला बना गया। आग से बचने के प्रयास में गर्भवती महिला गर्भपात हो गया। महिला को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आग की जद में आने से 10 बकरियां भी जल गईं।
फायर ब्रिगेड ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की।
कांधरपुर में 15 घूमंतू परिवार छप्पर डालकर जीवनयापन करते हैं। दोपहर करीब ढाई बजे अज्ञात कारणों से बस्ती में आग लग गई। घरों के अंदर रसोईं गैस सिलिंडर भी रखा था। आग लगने से तीन सिलिंडर फट गए। इस दौरान करीब 15 घर जद में आ गए।
घर के अंदर से चीखते-चिल्लाते हुए बाहर भाग निकले। शोर शराबा होने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चार सिलिंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में अशोक, विनोद, गोविंद, नन्हके, द्रौपदी, रंगीला, जोगिंदर, शनि, खुन्ने, छंगू, धर्मू, माझियाईन, रामअजोर, मोहन और नन्हे का आशियाना जल गया।
थाना प्रभारी धनंजय राय ने पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की। हादसे के कारण परिवार के सामने आवास और भोजन का संकट खड़ा हो गया है।