गुरूवार को सावन सप्तमी को बेल्हा देवी धाम सई तट पर पूजन करती महिलाएं।
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महिलाओं ने व्रत रख सुख-समृद्धि का मांगा आशीष
घरों में बनाए कुंड व नदी किनारे मां शीतला का किया विधि-विधान से पूजन, बही आस्था की बयार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। दिनभर व्रत धारण कर महिलाओं ने मां शीतला का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। घर में बनाए गए कुंड व नदी के किनारे में विशेष पूजन अर्चन कर मां को हलवा-पूड़ी का प्रसाद अर्पित किया। शहर से लेकर गांव तक शीतला सप्तमी के व्रत को लेकर आस्था की बयार बही।
बुधवार को दिनभर महिलाएं शीतला सप्तमी का व्रत रही। आधी रात मां का विशेष पूजन अर्चन शुरू किया। घर के बाहर कुंड बनाए। पूजन स्थल पर नीम की टहनी, आम व ढाक के पत्ते से मां की विशेष पूजा की हुई। भोर में हलवा - पूड़ी का प्रसाद अर्पित कर व्रत पूर्ण किया। शहर में सई नदी के किनारे मां बेल्हादेवी धाम में भोर में ही महिलाओं की कतार लगी रही। महिलाएं थाली प्रसाद लेकर सई नदी के घाट पर पहुंचीं। पूरे विधि-विधान से मां का पूजन कर प्रसाद अर्पित किया। मंगलगीत के गायन से भक्तिमय माहौल बना रहा। यही हाल मां बाराही देवी, संकट हरणी, चंद्रिकनदेवी धाम में भी रहा। पूजन अर्चन के लिए महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। आचार्य प्रभाकर नाथ पांडेय ने बताया कि शीतला सप्तमी का व्रत महिलाएं अपने परिवार की सलामती व सुख-समृद्धि के लिए रखती है।