सदर विधानसभा उपचुनाव में भी महिला कर्मचारियों को राहत नहीं मिलेगी। पुरुष मतदान कार्मिकों की पर्याप्त संख्या होने के बावजूद चुनाव आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदान अधिकारी द्वितीय के रूप में महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने का फरमान जारी किया है। महिलाओं की ड्यूटी लगाने से पुरुष कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
सदर विधानसभा उपचुनाव में जिला प्रशासन ने अध्यापिकाओं और महिला कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाने का फैसला लिया था। अफसरों का मानना था कि जब पुरुष कर्मचारी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं, तो महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। चुनाव में महिलाओं की परेशानी देखकर अफसरों ने यह फैसला लिया था। मगर चुनाव आयोग ने मतदान अधिकारी द्वितीय के रूप में महिला कर्मचारियों की तैनाती करने का फरमान जारी करके महिलाओं की परेशानी बढ़ी दी है।
डीडीओ ने अब बेसिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों से 600 महिला कर्मचारियों का नाम मांगा है। हालांकि सबसे अधिक महिला कर्मचारी बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात हैं। ऐेसे में परिषदीय स्कूलों में तैनात अध्यापिकाओं की अधिकाधिक ड्यूटी लगाई जाएगी। सदर विधानसभा में 368 मतदेय स्थल है, सभी मतदेय स्थलों पर एक-एक महिला कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
मगर कुछ महिला कर्मचारियों को रिजर्व में भी रखा जाएगा। डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि महिलाओं की ड्यूटी लगाने से पुुरुष कर्मचारियों की संख्या घटानी होगी।